लोक संवर्धन पर्व में पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, लोक कला और स्थानीय उत्पादों को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला
देहरादून,
15 जुलाई 2026। परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ में बुधवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने प्रतिभाग किया। 17 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार और उद्यमी अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
राज्यपाल ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर शिल्पकारों और उद्यमियों से उनके उत्पादों, कार्यप्रणाली तथा विपणन की जानकारी ली। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और सृजनशीलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जहां थोड़ी-थोड़ी दूरी पर भाषा, लोकगीत, खान-पान और परंपराओं की विविधता देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव शिल्पकारों, कलाकारों और उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच उपलब्ध करा रहा है। पारंपरिक कला और हस्तशिल्प न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, बल्कि आजीविका और आर्थिक सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
राज्यपाल ने विशेष रूप से उत्तराखंड की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिश्रम और कार्यकुशलता ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने पारंपरिक कौशल के साथ डिजिटलीकरण और आधुनिक विपणन व्यवस्था अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा और शिल्पकारों की आय में वृद्धि होगी। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि महोत्सव के दौरान स्टॉलों पर उल्लेखनीय व्यापार हुआ, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने कौशल और नवाचार को आर्थिक अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि आज देश में स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी उद्यमों को नई पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बलजीत सोनी, डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, शादाब शम्स, पुनीत मित्तल, श्याम अग्रवाल, विश्वास डावर, अल्पसंख्यक कल्याण के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक दीप्ति सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



