श्री जगन्नाथ महाकथा के दूसरे दिन भक्ति, ज्ञान और रहस्यों का हुआ अद्भुत संगम

देहरादून 11 जुलाई ।श्री राम मंदिर, दीपलोक कॉलोनी, देहरादून में आयोजित श्री श्री जगन्नाथ जी महाकथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। कथा व्यास डॉ. सुभाष सतपति ने भगवान जगन्नाथ की महिमा का वर्णन करते हुए पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर और गुंडीचा मंदिर से जुड़े अनेक अनसुलझे रहस्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के पुरी आगमन का प्रसंग सुनाया तथा भोंदू राम की प्रेरणादायक कथा का वर्णन किया। कथा के अनुसार भोंदू राम एकादशी का व्रत भी नहीं रख पाता था और उसे सदैव भोजन की लालसा रहती थी, लेकिन उसकी निष्कपट और अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी ने उसे दर्शन दिए तथा उसके हाथों से बने भोजन को प्रसाद स्वरूप स्वीकार किया।
डॉ. सतपति ने भगवान जगन्नाथ की महिमा, उनकी लीलाओं तथा पुरी धाम के धार्मिक और आध्यात्मिक रहस्यों से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। उन्होंने कथा के माध्यम से उपस्थित भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
इस अवसर पर प्रख्यात कथावाचक आचार्य सुभाष जोशी, श्री आदर्श मंदिर के अध्यक्ष अरुण शर्मा, डॉ. वशिष्ठ, योग माया मंदिर के अध्यक्ष मोती दीवान, अनिल सेठी, महाकाल सेवा समिति के शिवम एवं गौरव, ब्राह्मण सभा के कल्याण चक्रवर्ती अपनी धर्मपत्नी के साथ, एचडीएफसी बैंक के वाइस चेयरमैन हरीश गुप्ता, तथा श्री श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के मुख्य यजमान एवं सारथी मनीष अरोड़ा अपनी धर्मपत्नी और परिवार सहित उपस्थित रहे।
महाकथा के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा श्री राम मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ के जयघोष के साथ कथा का रसास्वादन किया।
