उत्तराखण्डधरना प्रदर्शन

मेनका गांधी के बयान के विरोध में जैन समाज का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

देहरादून 01 जुलाई । जैन समाज की अग्रणी संस्था भारतीय जैन मिलन के नेतृत्व में मंगलवार को समाज के लोगों ने श्रीमती मेनका गांधी के कथित बयान के विरोध में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी स्मिता परमार जायसवाल को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि मेनका गांधी द्वारा जैन दिगंबर संतों की पिच्छिका (मोरपंखी) को लेकर दिए गए कथित बयान से जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने आरोप लगाया कि पिच्छिका के निर्माण के संबंध में दिए गए बयान तथ्यहीन एवं भ्रामक हैं तथा इससे धार्मिक वैमनस्य फैलने की आशंका है।
भारतीय जैन मिलन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि जैन धर्म अहिंसा के सिद्धांत पर आधारित है और दिगंबर संतों द्वारा उपयोग की जाने वाली पिच्छिका किसी भी मोर को नुकसान पहुंचाकर नहीं बनाई जाती। संस्था के अनुसार, शरद ऋतु में प्राकृतिक रूप से झड़ने वाले मोरपंखों को एकत्र कर उनका उपयोग किया जाता है।
जैन समाज ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समाज में वैमनस्य फैलाने के आरोपों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद जैन, क्षेत्र संख्या-14 के क्षेत्रीय अध्यक्ष संजय जैन, जैन मिलन पारस के अध्यक्ष अंकुर जैन, जैन मिलन प्रगति, जैन मिलन महावीर, जैन मिलन मूक माटी की धार्मिक संयोजिका सिम्मी जैन, अजय जैन, प्रतीक जैन, जितेंद्र जैन, सुरेश जैन, पूनम जैन, प्रीती जैन, गौरव जैन, अनिल जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।

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