स्वास्थ्य संस्थानों का होगा संयुक्त सुरक्षा ऑडिट, डीएम ने गठित की बहु-विभागीय निरीक्षण समिति
रुद्रपुर,02 जून 2026 । देहरादून-हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में 20 मई 2026 को एयर कंडीशनर (एसी) में आग लगने की घटना के बाद जनपद ऊधमसिंह नगर में स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और ट्रॉमा सेंटरों का संयुक्त निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि अग्नि सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, भवन सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन उपायों की जांच के लिए बहु-विभागीय संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया गया है। समिति में नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, नगर निकायों तथा जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि समिति अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेगी। निरीक्षण के दौरान फायर एनओसी की वैधता, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत सुरक्षा उपकरण, एम्बुलेंस की कार्यशीलता तथा आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा।
इसके अलावा भवन मानचित्र की स्वीकृति, वास्तविक निर्माण की स्थिति, पार्किंग एवं बेसमेंट पार्किंग व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण तथा जोखिमपूर्ण संरचनाओं की भी जांच की जाएगी। आपदा प्रबंधन के तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान, ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था, ऑक्सीजन सिलेंडरों एवं ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों के फायर एवं आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण तथा सीसीटीवी एवं कंट्रोल रूम व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण एवं विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र सहित सभी वैधानिक अभिलेखों की जांच की जाए तथा अग्निशमन विभाग द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की पुष्टि की जाए। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन अथवा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी संस्थान में जनसुरक्षा के लिए अत्यधिक जोखिम पाया जाता है तो नियमानुसार सीलिंग अथवा संचालन पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संयुक्त निरीक्षण के उपरांत सभी समितियां अपनी विस्तृत रिपोर्ट, कमियों का विवरण तथा सुधारात्मक सुझावों सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं तथा आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।



