विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 29 मई से शुरू, सभी पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर जोर

देहरादून 15 मई । आगामी 29 मई से उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने राजनीतिक दलों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अगले दो सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) नियुक्त करने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संचालित की जाएगी। कार्यक्रम के अनुसार 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग और कर्मचारियों का प्रशिक्षण किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित एवं संकलित करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। वहीं 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 11,733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा लगभग 22 हजार बीएलए तैनात किए जा चुके हैं। इस दौरान “बुक अ कॉल विद बीएलओ” सुविधा की जानकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित भाजपा, कांग्रेस, बीएसपी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



