रोपवे परियोजनाओं को गति देने हेतु पहली बोर्ड बैठक आयोजित, मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने दिए तेजी के निर्देश

देहरादून 23 फ़रवरी। उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं के विकास, क्रियान्वयन, संचालन एवं रखरखाव को गति देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में रोपवे से संबंधित विभागों, हितधारकों एवं पीपीपी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विभिन्न जनपदों में संचालित एवं प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित जिलाधिकारियों से प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि रोपवे परियोजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, मोबिलिटी और समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि विजिबिलिटी स्टडी जैसी प्रक्रियाओं को प्रारंभिक चरण में ही हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि सभी पहलुओं पर समय रहते विचार-विमर्श संभव हो सके। साथ ही, रोपवे से जुड़े प्रस्तावों की त्वरित और गहन स्क्रूटनी कर लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीपीपी मोड पर विकसित की जा रही रोपवे परियोजनाओं पर विशेष जोर देते हुए मुख्य सचिव ने तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमोदनों सहित सभी औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून–मसूरी रोपवे परियोजना में हो रही देरी पर संज्ञान लेते हुए इसकी प्रगति में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन, सरकारी निर्माण एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके। साथ ही, जिन विषयों को हाई पावर कमेटी अथवा बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, उन्हें समय से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज पांडेय, धीरज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रूहेला, एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

