09 वर्षीय मासूम की विधवा माँ को न्याय—जिलाधिकारी के सख्त एक्शन से बैकफुट पर आई HDFC ERGO, तहसील में 8.92 लाख जमा

देहरादून, 06 दिसंबर। उपभोक्ताओं के साथ ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ रही है। जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े रुख के चलते HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को बैकफुट पर आना पड़ा और कंपनी ने जिला प्रशासन के नाम ₹8,92,000 का चेक तहसील सदर में जमा कर दिया है।
यह कार्रवाई उस मामले में हुई, जिसमें 09 वर्षीय बालिका की विधवा माँ सुप्रिया नौटियाल को बीमा कंपनी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, जबकि उनके दिवंगत पति का वाहन ऋण बीमा योजना के अंतर्गत सुरक्षित था।
विधवा माँ ने लगाई डीएम से गुहार
15 नवंबर 2025 को सुप्रिया नौटियाल ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि उनके पति स्व. प्रदीप रतूड़ी ने वाहन खरीदने हेतु ₹8,11,709 का ऋण लिया था। बैंक ने बताया था कि ऋण के साथ बीमा कराना अनिवार्य है।
इसी क्रम में HDFC ERGO द्वारा पॉलिसी संख्या CI 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नंबर RR-CI 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था, लेकिन बीमा के दस्तावेज उन्हें कभी भी भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए।
पति की मृत्यु के बाद, सुप्रिया पर बैंक द्वारा ऋण चुकाने का दबाव बनाया जाने लगा और वाहन उठा ले जाने की धमकी दी गई। इस प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की।
डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटकर दिया था 5 दिन का अल्टीमेटम
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने HDFC ERGO को ₹8.11 लाख की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि:
“5 दिन में ऋण माफी न की तो कंपनी की संपत्ति कुर्क कर नीलाम कर दी जाएगी।”
जिलाधिकारी की इस चेतावनी के बाद कंपनी के सामने कुर्की की तलवार लटक गई और परेशानी में कंपनी ने अंततः राशि जमा कराना ही उचित समझा।
जिला प्रशासन की सख्ती से मिल रहा गरीबों, महिलाओं और बुजुर्गों को न्याय
जिलाधिकारी के निडर और उपभोक्ता-हितैषी फैसलों से ऐसे अनेक मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है जहाँ बीमा कंपनियां और बैंक बीमित ऋण होने के बावजूद उपभोक्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं।
कई मामलों में पहले भी बैंक शाखाओं की कुर्की, ताला बंदी और नीलामी की कार्रवाई हो चुकी है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि:
बीमित ऋण होने के बाद उपभोक्ता को प्रताड़ित करने वाले किसी भी बैंक या बीमा कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा
धोखाधड़ी के मामलों पर त्वरित एक्शन किया जाएगा
उपभोक्ता हित सर्वोपरि है
HDFC ERGO द्वारा राशि जमा किए जाने के बाद अब विधवा माँ सुप्रिया और उनकी 09 वर्षीय बेटी को बड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को आम उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।