देहरादून 02 अप्रैल । ऑस्ट्रेलियाई व्यापार एवं निवेश आयोग (ऑस्ट्रेड) ने सोमवार को 13 संस्थानों के 19 सदस्यों वाले एक भविष्य कौशल प्रतिनिधिमंडल को पेश किया। यह प्रतिनिधिमंडल तकनीक, हरित अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई कौशल क्षमताओं को भारत में प्रस्तुत कर रहा है।
इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बाजारों के बीच जागरूकता को बढ़ाना, साझेदारी को गति देना और ऑस्ट्रेलियाई तथा भारतीय संस्थानों, विश्वविद्यालयों और कॉर्पोरेट प्रशिक्षण प्रदाताओं के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस यात्रा के साथ ही 1 से 4 अप्रैल 2025 तक तीन शहरों — नई दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद — में ऑस्ट्रेलिया-भारत कौशल शिखर सम्मेलन 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन 1 अप्रैल को नई दिल्ली से शुरू हुआ, जो दोनों देशों के बीच कौशल विकास में द्विपक्षीय सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
नई दिल्ली में दो दिनों (1-2 अप्रैल 2025) के लिए, उसके बाद अहमदाबाद में (3 अप्रैल 2025) को और हैदराबाद में (4 अप्रैल 2025) इस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
इस सम्मेलन में लीडर्स अपने विचार व्यक्त करेंगे, बाजार के बारे में अपडेट्स, साइट विजिट, पॉलिसी संबंधी संक्षिप्त जानकारी, व्यापारिक बातचीत और नेटवर्किंग कार्यक्रम शामिल होंगे।
उद्घाटन सत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया सरकार के प्रमुख हितधारकों ने विचार साझा किए। दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से संपन्न हुआ।
शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में विचार-मंथन, बाजार जानकारी साझा करना, साइट विजिट, नीति-संवाद, व्यापारिक गोलमेज वार्ता और नेटवर्किंग जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
दिल्ली में हुए सत्र में ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय संगठनों के बीच कौशल विकास और कार्यबल प्रशिक्षण को लेकर चल रही साझेदारियों को रेखांकित किया गया।
ऑस्ट्रेड दक्षिण एशिया की प्रमुख और वाणिज्य मंत्री डॉ. मोनिका कैनेडी ने कहा, “भारत वैश्विक कौशल क्षेत्र में अग्रणी योगदानकर्ता बनते हुए खुद को ‘विश्व की कौशल राजधानी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। ऑस्ट्रेलिया की कौशल प्राथमिकताएं भारत की औद्योगिक आवश्यकताओं से मेल खाती हैं, जो इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वास्तविक अवसर प्रस्तुत करती हैं। आज हम दोनों देशों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर ज्ञान, सर्वोत्तम प्रक्रियाएं और नवाचार साझा कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह सम्मेलन द्विपक्षीय सहयोग का एक नया अध्याय रचेगा और शिक्षा तथा कौशल क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों को और गहराई देगा।”
ऑस्ट्रेलिया को विश्व स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण प्रणाली के लिए जाना जाता है। ऑस्ट्रेलियाई कौशल प्रशिक्षण प्रणाली उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप डिज़ाइन की गई है – उद्योग द्वारा और उद्योग के लिए। आज 60% से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नियोक्ता इस प्रणाली के माध्यम से अपने कर्मचारियों के कौशल को हर साल बढ़ा रहे हैं, वहीं 15 से 19 वर्ष की आयु के 45% युवा सक्रिय रूप से कौशल प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के पास विविध और विशेषज्ञता से भरपूर कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क है, जिसमें सार्वजनिक तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थान (TAFE), द्वैतीय क्षेत्र विश्वविद्यालय, निजी प्रशिक्षण प्रदाता, एजुटेक प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज ट्रेनिंग प्रदाता शामिल हैं।
भारत जिस तरह तेजी से विश्व की कौशल राजधानी बनने की दिशा में बढ़ रहा है, ऐसे में ऑस्ट्रेलिया जैसे वैश्विक नेता के साथ रणनीतिक साझेदारी भावी कार्यबल को तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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