धामी ने संभाली कमान तो भट्ट हुए गदगद, कहा सच्चे लीडर के गुण

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वनाग्नि नियंत्रण मे धामी का अग्रिम मोर्चे पर होना रेस्क्यू टीम का हौंसला बढ़ाने वाला कदम

देहरादून 8 मई। भाजपा ने वनाग्नि नियंत्रण अभियान की कमान संभालने के लिए उतरे सीएम धामी के कौशल और नेतृत्व की भूरि भूरि प्रसंसा करते हुए कहा कि अब तक आयी हर आपदा मे उन्होंने खुद को साबित किया है और यह राज्य के लिए सुखद रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आपदा मे लापरवाही बरतने वाले 17 कर्मियों पर हुई कार्यवाही जरूरी थी और मुख्यमंत्री का ग्राउंड पर स्वयं फायर लाइन काटना आपदा टीम का उत्साहवर्धन करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इसका आम जन मे सकारात्मक संदेश जायेगा और जनसहयोग से शीघ्र ही आग पर काबू पाया जा सकेगा।
भट्ट ने कहा कि राज्य इस समय वनाग्नि की आपदा से ग्रस्त है, जिसका सामना करनें के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे समूचा उत्तराखंड एकजुट होकर प्रयास कर रहा है । जंगल में आग की घटनाओं के सामने आने के बाद से ही सरकार और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो कर इससे निपटने में जुटा है । सीएम के एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन टीम, एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज उच्च स्तरीय बैठक के बाद वनाग्नि नियंत्रण अभियान में और तेजी आई हैं। समीक्षा बैठक में उनके द्वारा आपदा के नियंत्रण के लिए सभी मुमकिन उपायों जिसमे 50 रुपये किलो पीरूल की खरीद और 50 करोड़ का कारपस फंड बनाने का अहम निर्णय है। वहीं सचिवों को दायित्व देने और कर्मियों को भी अनुशासन की सीख देने का फैसला है। उन्होंने 17 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को आवश्यक बताते हुए आपदा प्रबंधन में ढिलाई बरतने वालों के लिए चेतवानी बताया है।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सीएम का आग नियंत्रण की गतिविधियों को परखना और स्वयं फायर लाइन खींचना, एक स्वाभाविक लीडर की पहचान है, जो फ्रंट पर रहकर अपनी टीम का हौसला बढ़ाता है । इससे पूर्व जब भी कोई कठिन समय आया उन्होंने राज्यवासियों को सामने से लीड किया है । सिल्कयारा टनल हादसा, हल्द्वानी दुर्घटना, कोरोना कालखंड, जोशीमठ आपदा सहित कोई भी संकट प्रदेश पर आया हो तो सीएम धामी मुख्यसेवक के रूप में हमेशा उनके मध्य नजर आए ।
उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि सरकार और समाज द्वारा युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयासों को मौसम में आए बदलाव का भी साथ मिला है । यही वजह है कि जंगल में आग की तपिश में कमी आने की सूचनाएं आने लगी हैं । जिसको देखते हुए शीघ्र ही जंगल की आग के काबू में आने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि अब तक आग बुझाने मे जुटे कार्यकर्ता अधिक उत्साह और ताकत से वनाग्नि नियंत्रण अभियान मे जुटेंगे।