झिंझाना के आयुष्मान हॉस्पिटल पर लापरवाही व धोखाधड़ी का आरोप , मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यवाही ना करने पर डीएम से शिकायत

0
129

झिंझाना 02अप्रैल। शामली करनाल हाईवे पर गाडीवाला के पास स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल पर एक बार फिर धोखाधड़ी व लापरवाही का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बुलवाकर हंगामा किया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इसकी शिकायत की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर आज जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा बैदखेडी निवासी एक व्यक्ति ने भी डिलीवरी के ऑपरेशन में अलग से पैसे लिए जाने की शिकायत की है। करीब 6 माह पहले भी यह हॉस्पिटल एक मरीज के तीमारदार की पिटाई किए जाने से उत्पन्न विवाद पर पुलिस और मीडिया की सुर्खियां बना था।

टपराना निवासी शौएब पुत्र सलीम ने मीडिया को बताया कि उसकी पत्नी को चार दिन पहले 27 मार्च को झिंझाना गाडीवाला के पास स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। तब उस समय डॉक्टर ने सामान्य डिलीवरी ऑपरेशन के 8000 तथा नवजात शिशु को देखने के अलग से ₹2000 समेत कुल दस हजार रूपये बताये थे।‌ तथा प्रेस का ऑपरेशन करने पर 16 हजार रूपये तथा दो हजार रूपये का खर्च नवजात शिशु को देखने समेत 18 हजार रुपये का खर्च बताया था। तय होने के बाद डिलीवरी 4 दिन पहले हो गयी थी। पीड़ित शौएब का कहना है कि हमने ₹2000 के बदले बच्चों को बाहर के डॉक्टर से दिखाना चाहा मगर अस्पताल वालों ने मना कर दिया। और नर्स पर आरोप लगाया कि बच्चे के स्वास्थ्य का डर दिखाकर दो हजार रुपये लिये गये।

पीड़ित का साफ कहना है कि अस्पताल वालों ने मेरे साथ धोखा किया है प्रेस ऑपरेशन के पैसे लेकर सामान्य टांकों वाला ऑपरेशन किया है। सात टांके लगाए गए हैं। तथा कोरे कागज पर पहले दस्तक कर लिए गए जो पूरी तरह गलत है।‌ इस पीड़ित ने मुकदमा लिखाने की बात कही है। डीएम शामली को अभी इस संबंध में एक शिकायती पत्र देना भी बताया गया है। इससे पहले भी करीब छः महीने पहले कैराना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला को इस हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी खुद उसके तीमारदार द्वारा मरीज महिला को कंधे पर ऑपरेशन थियेटर तक ले जाने के दौरान कमरे से बाहर निकलने को एक स्वास्थ्य कर्मी द्वारा बोलने के अंदाज पर पिटाई कर दी गयी थी। इतना ही नही घटना पर इस अस्पताल में पहुंचे एक पत्रकार के साथ भी कथित रूप से मैनेजर द्वारा दुर्व्यवहार करने पर मामला गर्मा गया था। दोनों ही मामलों में पुलिस द्वारा मध्यस्था करके मामले को शांत कराया गया था।

बेदखेड़ी निवासी नरेंद्र कुमार द्वारा भी एक महिला की डिलीवरी ऑपरेशन में अलग से बच्चों के नाम पर दो हजार रूपये ठगी किये जाने का आरोप लगाया गया है। जिस अस्पताल के कर्मचारी पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार कर सकते हैं तो आम आदमी की उनके सामने क्या बिसात है। हालाकिं पत्रकारों के सामने चंद मामले ही सामने आते है। मगर यह सच है कि यह हॉस्पिटल अनियमताओं की सुर्ख़ियों में बना रहता है।

रिर्पोट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी जनपद शामली उ०प्र०।