उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने गिनाई दो वर्ष की उपलब्धियां

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देहरादून 16 नवंबर । उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा० गीता खन्ना ने मीडिया सेंटर,सचिवालय परिसर में प्रेस वार्ता का आयोजन दो वर्ष के कार्यकाल में आयोग में अपने अनुभव, उपलब्धियों व चुनौतियों को मीडिया के साथ साझा करने के उद्देश्य से किया।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा० गीता खन्ना ने बताया कि आयोग में उनके द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस अंतराल में बच्चों के हितों व उनके अधिकारों को संरक्षित करने के लिये उनके द्वारा अथक प्रयास किये गये।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ एक सुन्दर सम्बन्ध और सहयोग की दृष्टि से हमने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण हेतु प्रयासरत रहे। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा सभी प्रादेशिक कार्यक्रमों में व आयोजित सभी कार्यशालाओं में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास किया गया है।
भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट और अन्य सभी शीर्ष द्वारा आयोजित बैठकों में आयोग ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। मुझे यह बताते हुये अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि उत्तराखण्ड हाईकोर्ट की जुविनाईल जस्टीस कमेटी में अपना संवाद स्थापित कर आयोग के अनुरोध पर एक स्टेट स्टेकहोल्डर मीट की है और लगातार आभासी बैठक के माध्यम से व प्रशासन और आयोग के मार्गदर्शन का कार्य कर रहे है।
आयोग में अध्यक्ष पद पर निष्ठावान रूप से पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने में आयोग के सदस्यों द्वारा जनपद स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। माह जनवरी, 2022 में आयोग में अध्यक्ष पद ग्रहण करने के उपरान्त मेरा उद्देश्य राज्य स्तर पर बच्चों के अधिकारों व उनके साथ हो रहे उत्पीड़न को रोकने व इस प्रकार के कृत्य की पुर्नवृति रोकना रहा है।
आयोग द्वारा आगामी 20 नवम्बर को टिहरी जनपद में बाल दिवस मनाया जायेगा।