चारों धामों के कपाट खुलने से पहले ही उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु

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देहरादून। उत्तराखंड के चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं। हर साल बर्फ गिरने के चलते शीतकाल में जब कपाट बंद होते हैं, तो यहां से देवडोलियों में भगवान की मूर्ति को शीतकालीन प्रवास स्थल यानी निचले क्षेत्रों के निर्धारित मंदिरों में ले आया जाता है। शीतकाल की पूजा अर्चना इन्हीं मंदिरों में होती है। ऐसे ही जब कपाट खुलते हैं, तो ये डोलियां वापस धामों के लिए रवाना होती हैं। डोलियों की यह यात्रा किसी उत्सव से कम नहीं होती। यानी कपाट खुलने से पहले ही देश दुनिया के हज़ारों श्रदालु धाम से पहले ही इष्ट देवताओं के दर्शन करने उमड़ते हैं।.भगवान केदारनाथ शीतकालीन प्रवास स्थल उखीमठ में 1 मई को भैरवनाथ की पूजा शुरू होगी. 2 मई को केदार की पंचमुखी डोली रवाना होकर शाम को पहले पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। 3 मई को सुबह आठ बजे डोली फाटा के लिए रवाना होगी. 4 मई की शाम को गौरीकुंड पहुंचेगी, जहां श्री गौरामाई मंदिर में रात्रि प्रवास होगा. 5 मई सुबह छह बजे डोली। रवाना होकर शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 6 मई की सुबह 6.15 बजे केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी तरह भगवान बद्री विशाल की देवडोली शीतकालीन प्रवास स्थल जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर से सुबह 9 बजे रवाना होगी। देवडोली के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी एवं तेलकलश गाडू घड़ा सहित बद्रीनाथ धाम के रावल भी इस यात्रा का आकर्षण रहेंगे। यात्रा पांडुकेश्वर में रात्रि प्रवास करेगी। 7 मई सुबह योग बद्री पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, रावल सहित देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी एवं भगवान के सखा उद्धव जी, गाडू घड़ा तेल कलश धाम के लिए रवाना होंगे। आठ मई की सुबह कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर समिति गंगोत्री एवं मंदिर समिति यमुनोत्री से मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट 3 मई को सुबह 11.15 बजे खोले जाएंगे। यमुनोत्री धाम के कपाट भी इसी दिन खुलेंगे. शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से मां यमुना की डोली 3 मई की सुबह यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और दोपहर 12.15 बजे पूजा अर्चना के बाद मदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसी तरह मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा से 2 मई को रवाना होगी। भैरवघाटी स्थित भैरव मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद 3 मई की सुबह डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी। यह भी गौरतलब है कि पवित्र हेमकुंड साहिब एवं श्री लोकपाल तीर्थ के कपाट रविवार 22 मई को खुलेंगे।