संजीव जीवा गैंग का शातिर बदमाश गिरफ्तार, दो फरार  एके-47 रायफल, 1300 कारतूस, 4 मैगजीन, कार व मोबाइल फोन बरामद, मेरठ में कृषि विश्वविद्यालय के डीन पर हुए हमले के बाद हथियार छिपाने निकला था बदमाश, एसएसपी ने प्रेस लाइन में पत्रकारों को दी जानकारी 

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शामली। थानाभवन पुलिस को मंगलवार को उस समय बडी कामयाबी मिली जब पुलिस ने कुख्यात बदमाश संजीव जीवा के गैंग के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से एके-47 रायफल, 1300 कारतूस, 4 मैगजीन, एक एक्सयूवी कार तथा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस दौरान दो बदमाश कार से कूदकर फरार हो गए। पकडा गया बदमाश पिछले महीने मेरठ स्थित कृषि विश्ववविद्यालय मोदीपुरम के डीन पर हुए हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों को छिपाने के उद्देश्य से यहां पहुंचा था। उक्त बदमाश विक्की त्यागी की हत्या के सिलसिले में भी मुजफ्फरनगर जेल में भी रह चुका है। एसएसपी सुकीर्ति माधव ने कहा कि कुख्यात बदमाश की गिरफ्तारी करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए एसएसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि थानाभवन पुलिस को सूचना मिली थी कि जेल में बंद कुख्यात बदमाश संजीव जीवा गैंग का एक शातिर बदमाश अवैध हथियारों के साथ कार में सवार होकर क्षेत्र में आ रहा है, सूचना पर पुलिस की टीम सक्रिय हो गयी तथा बदमाश की तलाश प्रारंभ कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एक्सयूवी कार सवार बदमाश को दबोच लिया जबकि दो मौके से फरार हो गए। कार की तलाशी लेने पर उसमें से एक-47 विदेशी रायफल, अलग-अलग बोर के 1300 कारतूस, 4 मैगजीन ड्रम, एक मोबाइल भी बरामद कर लिया। पूछताछ करने पर बदमाश ने अपना नाम अनिल उर्फ पिंटू पुत्र भोपाल निवासी गांव सदरूद्दीननगर उर्फ हडोली माजरा थाना भौराकलां जिला मुजफ्फरनगर बताया। एसएसपी के अनुसार पकडे गए बदमाश ने बताया कि उसके गांव का पडौसी सिसौली निवासी अनिल बंजी पुत्र राजेन्द्र उसके बचपन का दोस्त है, जो 2009 में एयरफोर्स से रिटायरमेंट लेकर वापस आ गया था। वापस आने पर अनिल व उसके द्वारा आसपास के क्षेत्र में रौब गालिब करने के उद्देश्य से उनकी काफी रंजिश हो गयी थी। इसी दौरान कुख्यात बदमाश धर्मेन्द्र किरठल के बहुत नजदीकी नीरज बामडौली (बागपत) की हत्या हो गई थी। धर्मेन्द्र किरठल को लगा कि उन्होंने ही नीरज की हत्या की है इसलिए वह उनके पीछे लग गया। धर्मेन्द्र से बचने के लिए उन्होंने जेल में बंद अपराधी संजीव जीवा से आटोमैटिक हथियार खरीदने के लिए संपर्क किया। संजीव के गुर्गों द्वारा उन्हें 11 लाख रुपये में आटोमैटिक एके-47 रायफल उपलब्ध कराए थे। यह हथियार पहले अनिल बंजी के पास ही था लेकिन कुछ दिन पहले उसने यह हथियार अनिल से लेकर अपने पास रख लिए थे। अनिल उर्फ पिंटू नें बताया कि अनिल बंजी को अपनी करीबी दोस्त प्रो. आरती के लिए सुपारी लेकर कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम मेरठ के डीन राजवीर की हत्या करनी थी, पहले डीन पर हमला इसी हथियार से करने की योजना थी लेकिन बाद में अनिल ने यह योजना बदल दी। पिछले महीने अनिल ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीन राजवीर पर गोलियों से हमला कर दिया लेकिन वह बच गया। इस मामले में अनिल व उसके अन्य साथी पकडे गए, जो मेरठ जेल में बंद है जिसके बाद इन हथियारों को छिपाने की समस्या खडी हो गयी थी। इसी के चलते वह उक्त हथियार लेकर उन्हें छिपाने के लिए निकला था। पकडा गया बदमाश कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या के सिलसिले में मुजफ्फरनगर जेल में बंद रह चुका है। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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इन्होंने कहा…
हथियार व कारतूस कहां से आए और किन-किन लोगों की इसमें संलिप्तता रही है, इसके संबंध में जानकारी एकत्र की जा रही है। जेल में बंद कुछ अपराधियों को भी रिमांड पर लाकर उनसे इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। बदमाश को गिरफ्तार करने वाले थानाभवन थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा, उप निरीक्षक विजय त्यागी, उपेन्द्र सिंह को प्रशस्ति पत्र दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया जाएगा।
-सुकीर्ति माधव, एसएसपी, शामली
रिपोर्ट :-  सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी उत्तर प्रदेश।