उत्तराखण्डकानून व्यवस्था

ACR के अनधिकृत सर्कुलेशन की जांच करेगी STF, DGP ने दिए गहन जांच के निर्देश

देहरादून 19 जनवरी । निलंबित उप निरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला की जनपद बागेश्वर में तैनाती के दौरान तैयार की गई वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण में पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ ने विस्तृत एवं गहन जांच के लिए एसएसपी एसटीएफ को निर्देश जारी किए हैं।
किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की गोपनीय आख्या का सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक मंच पर प्रसारित होना अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ACR एक गोपनीय डिजिटल दस्तावेज होता है, जिसे केवल अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी ही सुरक्षित आईटी/डिजिटल प्रणाली के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इसका सीधे तौर पर एक्सेस किया जाना संभव नहीं है।
इसी कारण इस प्रकरण में अनधिकृत डेटा एक्सेस की आशंका जताई जा रही है। साथ ही साइबर साक्ष्यों की जांच की आवश्यकता को देखते हुए तकनीकी रूप से सक्षम जांच सुनिश्चित करने के लिए यह मामला एसटीएफ को सौंपा गया है।
गौरतलब है कि संबंधित अधिकारी की ACR में प्रतिकूल टिप्पणी अंकित होने के बावजूद उसे थानाध्यक्ष पद पर तैनात किए जाने को लेकर पहले से ही जांच प्रचलित है।
एसएसपी एसटीएफ श्री नवनीत भुल्लर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के आदेशों के क्रम में इस पूरे मामले की सभी तथ्यों एवं तकनीकी पहलुओं से गहन जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसटीएफ कुमाऊं यूनिट द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है और साइबर तकनीक के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि गोपनीय दस्तावेज कैसे और किसके द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
पुलिस विभाग इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा

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