सहित्य
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राही सभी थक कर गिरे,चलती रहीं पगडंडियां ! हलधर
गीत – चलती रहीं पगडंडियां ————– राही सभी थक कर गिरे,चलती रहीं पगडंडियां । खलिहान ही उजड़े मिले,महकी मिलीं सब…
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पंकज को मिला अनूप गैरोला स्मृति सामाजिक सक्रियता सम्मान
पत्रकार, वकील और डॉक्टर ऐसे कारक, जिन्हें प्रेरणा के रूप में देखते हैं लोग: डॉ. कुड़ियाल देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब…
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राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जिला सूचना कार्यालय में “राष्ट्रीय निर्माण में मीडिया की भूमिका” विषय पर किया गया गोष्ठी का आयोजन ।
देहरादून 16 नवम्बर(जि.सू.का)राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बद्री चन्द नेगी…
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राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को दी शुभकामनाएं।
देहरादून 08 नवंबर। सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
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मज़हब अगर नहीं होते तो ,रूप जगत का न्यारा होता ।
गीत -रूप जगत का न्यारा होता ——————— तुम चाहे मानो मत मानो ,पर मेरा विस्वास अटल है । मज़हब अगर…
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तन राह भूला भीड़ में मन घूमता वीरान में: हलधर
गीत -मन घूमता वीरान में ——————————- तन राह भूला भीड़ में मन घूमता वीरान में । क्यों कैद इसमें हो…
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चौथे खम्बे के मालिक भी खुली बहस में दिखे पराये! हलधर
गीत -चौथा खंबा ———– चौथे खम्बे के मालिक भी खुली बहस में दिखे पराये । फसल जली तब मौन रहे…
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रस आनंद मिठास ,जरूरी हैं जीवन में : जसबीर सिंह हलधर
कविता -जीवन और संबंध —————– रस आनंद मिठास ,जरूरी हैं जीवन में । रखना दृढ़ विस्वास,द्वेष मत पालो मन में…
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मूरत को छप्पन भोग लगें , दिखता भूखा इंसान नहीं ! हलधर
गीत – दरिद्र नारायण ————- मूरत को छप्पन भोग लगें , दिखता भूखा इंसान नहीं । पत्थर को माखन खिला…
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ये घटना है इतिहास की ,पूर्व जन्म अहसास की ।
कविता – जय हो वीर सुभाष की ये घटना है इतिहास की ,पूर्व जन्म अहसास की । जय हो वीर…
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