सहित्य
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रस आनंद मिठास ,जरूरी हैं जीवन में : जसबीर सिंह हलधर
कविता -जीवन और संबंध —————– रस आनंद मिठास ,जरूरी हैं जीवन में । रखना दृढ़ विस्वास,द्वेष मत पालो मन में…
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मूरत को छप्पन भोग लगें , दिखता भूखा इंसान नहीं ! हलधर
गीत – दरिद्र नारायण ————- मूरत को छप्पन भोग लगें , दिखता भूखा इंसान नहीं । पत्थर को माखन खिला…
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ये घटना है इतिहास की ,पूर्व जन्म अहसास की ।
कविता – जय हो वीर सुभाष की ये घटना है इतिहास की ,पूर्व जन्म अहसास की । जय हो वीर…
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प्राचीन सभ्यता की रथ है हिंदी से प्रीत निभानी है ।
हिंदी पखवाड़े के समापन पर एक गीत-हिंदी भाषा। प्राचीन सभ्यता की रथ है हिंदी से प्रीत निभानी है । पुरखों…
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भगत भूल कर भी मत आना, भारत भू की मांटी में : हलधर
आज शहीदे ए आज़म सरदार भगत सिंह की जयंती पर उनको समर्पित :– कविता – कवि और शहीद भगत सिंह…
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छेड़ मत इतिहास को भूगोल भी घिर जाएगा:जसवीर
छेड़ मत इतिहास को भूगोल भी घिर जाएगा। मज़हबी तूफान में बूढ़ा शजर गिर जाएगा । सांझला चूल्हा हजारों साल…
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मन में रावण बैठा है यदि, बोलो कैसे राम मिलेगा ।
-साधन और साधना ——————————— मन में रावण बैठा है यदि, बोलो कैसे राम मिलेगा । साधन ही दूषित होंगे तो,…
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और सबके होंठों पर तैर गई *’ढाई इंच मुस्कान’*
हास्य कवि राकेश जैन के पहले काव्य संग्रह का हुआ विमोचन। देहरादूनः आज के इस तनावपूर्ण माहौल में किसी व्यक्ति…
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ये भारत अब पहले सा नहीं सरल है ! जसबीर सिंह हलधर
कविता –नया भारत ———————— निर्णय ले आया घट घट नया उजाला । अब राम लला का मंदिर बनने वाला ।।…
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वो हिंदुओं के खून को कहता है पसीना: हलधर
ग़ज़ल (हिंदी) साहित्य का हमने जिसे माना था नगीना । उर्दू जिसे हीरा कहे हिंदी भी ज़रीना ।। फिरकापरस्ती रोग…
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