नैनीताल में नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ ‘न्याय तक आसान पहुँच’ विषय पर मंथन, न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने पर जोर

नैनीताल, 11 अप्रैल 2026: National Legal Services Authority (NALSA), नई दिल्ली के तत्वाधान में Uttarakhand State Legal Services Authority द्वारा आयोजित नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय “Enhancing Access to Justice” रखा गया है, जिसकी थीम “Justice Beyond Barriers: Rights, Rehabilitation & Reform for the Most Vulnerable” है।
इस अवसर पर Supreme Court of India के माननीय न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी, एन. कोटेश्वर सिंह एवं संदीप मेहता की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही Uttarakhand High Court के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी, उत्तराखंड लीगल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा सहित उत्तर भारत के विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए न्यायमूर्तिगण एवं न्यायिक अधिकारी शामिल हुए।
सम्मेलन में राज्य के सभी जनपदों से जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष, सचिव और न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। विभिन्न सत्रों में न्याय तक आमजन की पहुँच को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पहले सत्र में वन समुदायों के अधिकारों एवं Forest Rights Act 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें वन गुज्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। वहीं दूसरे सत्र में जेल सुधार (Prison Reforms) पर चर्चा करते हुए बंदियों के अधिकार, न्याय तक उनकी पहुँच और सुधारात्मक उपायों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
यह सम्मेलन न्याय प्रणाली को अधिक समावेशी, सुलभ और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो विशेष रूप से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करेगा।



