उत्तराखण्डराज्य

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाया मिशन वात्सल्य का मुद्दा, बच्चों की देखभाल और सुरक्षा पर सरकार का विस्तृत जवाब

नई दिल्ली 18 मार्च । भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना मिशन वात्सल्य को लेकर प्रश्न उठाया। उन्होंने बच्चों की देखभाल के लिए परिवार आधारित गैर-संस्थागत व्यवस्था को बढ़ावा देने, देशभर में स्थापित वात्सल्य सदनों की स्थिति तथा लापता बच्चों की ट्रैकिंग व्यवस्था पर जानकारी मांगी।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने विस्तृत उत्तर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों के संरक्षण और देखभाल के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। यह योजना राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) और विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों (CCL) दोनों को शामिल किया गया है।
मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार आधारित गैर-संस्थागत देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रायोजन, पालन-पोषण (फॉस्टर केयर), दत्तक ग्रहण तथा पश्चात देखभाल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। पात्र बच्चों को इस योजना के तहत प्रतिमाह 4000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देशभर में अब तक कुल 69 वात्सल्य सदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनका राज्यवार विवरण संबंधित अनुलग्नक में उपलब्ध है।
लापता बच्चों के मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई को रेखांकित करते हुए मंत्री ने बताया कि ट्रैक चाइल्ड पोर्टल, खोया-पाया एप और केयरिंग्स (CARINGS) पोर्टल को एकीकृत कर एक समरूप मिशन वात्सल्य पोर्टल विकसित किया गया है। यह प्रणाली गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, राज्य सरकारों, बाल कल्याण समितियों और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस पोर्टल को गृह मंत्रालय के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) से भी जोड़ा गया है, जिससे लापता बच्चों की एफआईआर और बरामद बच्चों के डेटा का मिलान आसान हो गया है। साथ ही, खोया-पाया मॉड्यूल के माध्यम से आम नागरिक भी लापता या देखे गए बच्चों की जानकारी साझा कर सकते हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. नरेश बंसल द्वारा उठाए गए इस प्रश्न के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने आई है।

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