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हरित ऊर्जा में नया अध्याय: पीयर-टू-पीयर बिजली व्यापार से बदलेगा भारत का ऊर्जा परिदृश्य

ग्लोबल एआई समिट में पावरएक्सचेंज ऐप लॉन्च, उत्तराखंड को मिलेगा विशेष लाभ

देहरादून 22 फरवरी 2026 । विकेन्द्रीकृत और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक अहम पहल के तहत ग्लोबल एआई समिट के दौरान इंडिया एनर्जी स्टैक पवेलियन में पावरएक्सचेंज ऐप और अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर (P2P) ऊर्जा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह प्लेटफॉर्म देशभर में—विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध राज्यों जैसे उत्तराखंड—बिजली के उत्पादन, व्यापार और उपभोग के तरीकों में व्यापक बदलाव लाएगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि डिजिटल और उपभोक्ता-केंद्रित ऊर्जा बाजार भारत के ऊर्जा क्षेत्र का भविष्य है। उन्होंने कहा कि पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार से उपभोक्ता केवल बिजली लेने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि उत्पादक और व्यापारी भी बन सकेंगे। मंत्री ने इसे किसानों, घरों और छोटे व्यवसायों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रिड दक्षता—दोनों को मजबूती मिलेगी।
यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं और “प्रोज्यूमर” (जो बिजली का उत्पादन भी करते हैं और उपभोग भी) को ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटल मार्केटप्लेस के जरिए अतिरिक्त सौर ऊर्जा का सीधे लेनदेन करने की सुविधा देता है। लाइव डेमो में छतों पर लगे सोलर पैनलों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली का सहज व्यापार दिखाया गया।
इससे पहले यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी प्रस्तुत की जा चुकी है, जहां बताया गया कि यह मॉडल ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देगा। इंडिया एनर्जी स्टैक के तहत विकसित पावरएक्सचेंज को देशभर में पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार बढ़ाने के लिए चुने गए केवल दो प्लेटफॉर्मों में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने तकनीकी विकास और उपयोगकर्ता पंजीकरण में सहयोग दिया।
उत्तराखंड के संदर्भ में अधिकारियों ने बताया कि राज्य ने हाल ही में 1 गीगावाट स्थापित सौर क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। वर्तमान में कुल सौर क्षमता 1,027 मेगावाट से अधिक है, जिसमें रूफटॉप सोलर, ग्राउंड-माउंटेड प्लांट, कृषि सौर पंप और व्यावसायिक परियोजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे हरित ऊर्जा के जरिए “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पावरएक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं, जहां विकेन्द्रीकृत उत्पादन अधिक व्यावहारिक है। इससे ट्रांसमिशन हानि कम होगी, ग्रिड दक्षता बढ़ेगी और घरों, व्यवसायों व किसानों के लिए नए आय स्रोत बनेंगे।
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी ने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में सौर परियोजनाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। सहायक नीतियों, सब्सिडी और सरल प्रक्रियाओं के चलते अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ऊर्जा व्यापार प्लेटफॉर्म के एकीकरण से राज्य में सौर ऊर्जा को अपनाने की रफ्तार और तेज होगी।
अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार प्रणाली के संचालन के साथ नीति निर्माताओं को उम्मीद है कि यह भारत के उभरते डिजिटल, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित ऊर्जा बाजार की मजबूत आधारशिला बनेगी।

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