पीपलकोटी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा
स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में सुविधाओं को और सशक्त बनाने के दिए निर्देश

दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को मिल रही समर्पित चिकित्सा सेवाओं की मुख्यमंत्री ने की सराहना
पीपलकोटी 21 फरवरी
। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पीपलकोटी स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आपातकालीन सेवाओं, जांच सुविधाओं तथा दूरस्थ पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के उपचार की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को यहां गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं के साथ संचालित यह चिकित्सालय पर्वतीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है” और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस निष्ठा और समर्पण से सेवाएं दी जा रही हैं, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को लेकर सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर उपचार के लिए दूर-दराज़ न जाना पड़े।
इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को संस्थान की उपलब्धियों, भावी योजनाओं एवं आवश्यकताओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण राज्य सरकार की जनकल्याणकारी, संवेदनशील और स्वास्थ्य-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है, जिसमें जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।



