उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

वार्ड 44 में विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न, संस्कृति-संस्कार और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

देहरादून 18 फ़रवरी। मनभावन वेडिंग पॉइंट में वार्ड नंबर 44 के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में साध्वी रेणुका जी (निरंजन सन्यास आश्रम, गंगोत्री) तथा स्वामी योगेश्वरानंद सरस्वती (वैदिक साधना आश्रम, तपोवन) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक आदरणीय श्री धनंजय जी की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक गोविंद मोहन द्वारा किया गया। शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात गणेश वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को मोबाइल, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, फेसबुक जैसे डिजिटल माध्यमों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति भी हुई।
इस अवसर पर श्री गुरु हरिकिशन साहब पब्लिक स्कूल एवं प्रतिभा अकादमी के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभाग प्रचारक श्री धनंजय जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि “व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक गली-मोहल्ले में ऐसे नायकों की आवश्यकता है जो शुद्ध आचरण, शुद्ध व्यक्तित्व और आदर्शों के माध्यम से समाज को दिशा दे सकें। उन्होंने अपनी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं पर गर्व करते हुए स्वाभिमान के साथ स्वयं को हिंदू कहने का आह्वान किया।
स्वामी योगेश्वरानंद सरस्वती जी ने अपने उद्बोधन में सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक समाज में जाति-पाति का भेद समाप्त नहीं होगा, तब तक प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने वेदों और अध्यात्म की ओर लौटने का आह्वान किया और कहा कि धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए समरसता अनिवार्य है।
वहीं साध्वी रेणुका जी ने महिलाओं की सुरक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व विकास पर प्रभावशाली विचार रखे। उन्होंने अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और रानी लक्ष्मीबाई के उदाहरण देते हुए कहा कि “नारी कभी अबला नहीं रही।” उन्होंने गुरुकुल परंपरा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक देश में गुरुकुल आधारित शिक्षा रही, तब तक भारत ज्ञान और समृद्धि में अग्रणी रहा। साथ ही उन्होंने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के निर्वहन पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में श्री अमरकांत गर्ग, श्री कृष्ण कुमार, श्री सतीश कौशिक, श्री बृजपाल सैनी, श्री विजय शर्मा, श्री प्रमोद शर्मा, पार्षद कुमारी डॉली रानी मोहन, पूर्व पार्षद अनीता सिंह, ममता सैनी, मुकेश उपाध्याय, राजेश बहल, मधु साहनी, प्रतिभा शर्मा, प्रगति, शोभा गौड़, रजनी शर्मा सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मेलन में समाज को संस्कृति, संस्कार और समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ाने का स्पष्ट संदेश दिया गया।

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