आवास एवं नगर विकास योजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन पर सख्ती
सचिव आवास ने किया औचक निरीक्षण
देहरादून 13 फरवरी 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखण्ड में सुनियोजित शहरी विकास, पारदर्शी प्रशासन और तकनीक आधारित सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में आवास विभाग ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स का औचक निरीक्षण
सचिव आवास ने डिस्पेंसरी रोड स्थित राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स में संचालित उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद, नगर नियोजन विभाग एवं रेरा कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयी कार्यप्रणाली, जनसुविधाएं, लंबित प्रकरणों और सेवा वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर मंथन
उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आवास/मुख्य प्रशासक एवं आयुक्त के रूप में डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए तथा विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हों।
‘ईज एप’ को सरल और एकीकृत करने के निर्देश
ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली ‘ईज एप’ के निरीक्षण के दौरान सचिव आवास ने निर्देश दिए कि इस एप को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के साथ एकीकृत किया जाए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान डिजिटल व्यवस्था लागू हो सके। नागरिकों की सुविधा के लिए चैटबॉट विकसित करने और एक सप्ताह के भीतर एप को और अधिक सरल व उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने हेतु विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
लैण्ड पूलिंग व टाउन प्लानिंग स्कीम को प्राथमिकता
सचिव आवास ने लैण्ड पूलिंग स्कीम एवं टाउन प्लानिंग स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए ऐसे क्षेत्रों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए, जहां इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए इन योजनाओं का प्रभावी संचालन अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सचिव आवास ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण के बाद विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने तथा लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु बैंकर्स के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।
पार्किंग परियोजनाएं और डिकंजेशन पॉलिसी पर सख्ती
सचिव आवास ने पार्किंग परियोजनाओं की स्थिति पर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संचालन की नियमित निगरानी पर बल दिया। साथ ही डिकंजेशन एवं रिडेवलपमेंट पॉलिसी को शीघ्र तैयार कर प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शहरी क्षेत्रों में यातायात दबाव और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या का समाधान हो सके।
जीआईएस आधारित महायोजनाओं पर जोर
महायोजनाओं के निर्माण में अनिवार्य रूप से जीआईएस प्रणाली लागू करने तथा यूसेक के माध्यम से उसके सत्यापन के निर्देश दिए गए। सचिव आवास ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ही सुनियोजित और दीर्घकालिक शहरी विकास संभव है।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने पर विशेष जोर दिया।
आलयम आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक के उपरांत सचिव आवास ने सहस्त्रधारा रोड स्थित मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की आलयम आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को तय समयसीमा में पूर्ण करने और निर्माण गुणवत्ता व आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सचिव आवास का बयान
सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम, जीआईएस आधारित महायोजनाएं, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति और आवासीय योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विकास प्राधिकरणों को योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पूरी जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।