कानून व्यवस्था पर सरकार सख्त, हर नागरिक की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध: भट्ट
विपक्ष से संवेदनशील एवं गंभीर मसलों पर राजनीति से बचने का आग्रह
देहरादून 4 फरवरी। भाजपा ने कहा कि सरकार राज्य मे हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आपराधिक गतिविधियों मे लिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जायेगी।
राजधानी एवं अन्य स्थानों पर हुए अपराधों को दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि मामले मे
आरोपी पकड़े गए हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर विस्तृत जांच जारी है। लिहाजा सबको धैर्य रखने की जरूरत है, विपक्ष को इन्हें राजनैतिक रंग देने से बचना चाहिए। सीएम धामी के भी कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश हैं कोई भी जिम्मेदार बख्शा नहीं जाए।
उन्होंने विभिन्न माध्यम से मीडिया द्वारा पूछे सवालों के जवाब में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला अपराधों मे लिप्त लोगों को बख़्शा नही जायेगा। सरकार और संगठन पीड़ितों के साथ है। दोषियों को कठोरतम सजा दिलवाने के अतिरिक्त जो भी संभव मदद परिवार को आवश्यक होगी, उन्हें मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि देहरादून और ऋषिकेश की जघन्य घटनाओं के आरोपी पकड़े गए हैं। विस्तृत जांच से आरोपियों के खिलाफ सभी पुख्ता सबूत जुटाकर, कानून की सर्वोच्च सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।
उन्होंने कहा, कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार का रुख स्पष्ट है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जायेगा। उस दिशा में पुलिस जांच जारी है, जिसमें घटना को लेकर लापरवाही के आरोपों की भी गंभीरता से लिया गया है। अब तक देहरादून, ऋषिकेश और रुड़की की घटनाओं के प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मी निलंबित किए गए हैं। हम इस दुखद घटना के बाद समाज की पीड़ा और चिंता को समझ रहे हैं। लिहाजा सभी पक्षों को धैर्य रखते हुए, जांच में सहयोग और एजेंसियों की कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने विपक्ष से भी प्रकरण को लेकर गंभीर एवं संवेदनशील रुख अपनाने का आग्रह किया। क्योंकि सब जानते हैं कि अपराध एवं अपराधियों पर धामी सरकार में तत्काल, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जा रही है। कोई भी हमारी सरकार का एक भी प्रकरण नहीं बता सकता जिसमें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई या गिरफ्तारियां नहीं हुईं हों। ऐसे में इन मुद्दों को राजनैतिक चश्मे से देखना और आग लगाकर उसमें राजनैतिक रोटियां सेंकने की कोशिश उचित नही है।