आई.आई.पी. रिटायर्ड वेलफेयर एसोसिएशन का भव्य सांस्कृतिक एवं पारिवारिक मिलन समारोह सम्पन्न
देहरादून,31 जनवरी 2026। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आई.आई.पी.) के सभागार में आई.आई.पी. रिटायर्ड वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा शनिवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पारिवारिक मिलन समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों,
उनके परिवारजनों तथा गणमान्य अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एसोसिएशन के सचिव डॉ. डी.सी. पांडेय द्वारा हाल ही में दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात चाय-विश्राम के बाद सभी सदस्य पुनः एकत्रित हुए, जहाँ सचिव द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया।
एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ. वाई.के. शर्मा (सेवानिवृत्त मुख्य वैज्ञानिक) ने समिति की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर 90 एवं 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले वरिष्ठ सदस्यों को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही समाजसेवी संस्था ‘महाकाल’ के सह-संस्थापक को भी सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण श्रीमती मंजू श्रीवास्तव के निर्देशन में बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ रहीं। इसके अतिरिक्त ‘वॉइस ऑफ उत्तराखंड – ध्वनि’ संस्था द्वारा प्रस्तुत मधुर गीतों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। श्री वी.एस. सैनी, डॉ. आर.के. चौहान एवं श्री गुरु प्रसाद द्वारा संयोजित तंबोला प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में विशेष रोचकता भर दी।
इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा ‘ध्वनि’ संस्था के संस्थापक एवं गायक श्री शिखर कुच्चल को सम्मान चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य सहयोगी कलाकारों एवं उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को भी पारितोषिक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के समापन पर उपाध्यक्ष डॉ. डी.के. अधिकारी ने आई.आई.पी. के निदेशक डॉ. एच.एस. बिष्ट, प्रशासनिक नियंत्रक श्री अंजुम शर्मा, आयोजन में सहयोग देने वाले कर्मचारियों, कलाकारों, उपस्थित सदस्यों एवं उनके परिवारजनों तथा कार्यकारिणी समिति के समस्त प्रभारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष डॉ. के.एम. अग्रवाल एवं सदस्य श्री अरुण भारद्वाज द्वारा आयोजन में सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
समिति द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों एवं अतिथियों के लिए दोपहर के भोजन की उत्तम व्यवस्था भी की गई, जिससे कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।