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पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का ऐतिहासिक संकल्प नेत्रदान, अंगदान व पूर्ण देहदान कर मानवता के लिए बने प्रेरणास्रोत

देहरादून 23 जनवरी ।

मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को चरितार्थ करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व सांसद महामहिम श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने अपने जीवन के पश्चात नेत्रदान, सभी प्रत्यारोपण योग्य अंगदान तथा पूर्ण देहदान का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। उनका यह निर्णय समाज के लिए एक अनुपम और प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में सामने आया है।
महामहिम श्री कोश्यारी जी ने यह संकल्प दधीचि देह दान समिति, देहरादून (उत्तराखंड) के माध्यम से विधिवत रूप से पंजीकृत कराया। उल्लेखनीय है कि दधीचि देह दान समिति वर्षों से देहदान, नेत्रदान एवं अंगदान जैसे महापुण्य कार्यों के लिए जन-जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।
भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण
श्री कोश्यारी जी का यह निर्णय भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को भी समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर देता है। महर्षि दधीचि की त्याग परंपरा से प्रेरित यह संकल्प चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। साथ ही नेत्रदान एवं अंगदान के माध्यम से अनेक जरूरतमंदों के जीवन में आशा और नया प्रकाश लेकर आएगा।
समाज में फैले भ्रमों को तोड़ने वाला संदेश
आज जब समाज में अंगदान और देहदान को लेकर अनेक भ्रांतियाँ और आशंकाएं व्याप्त हैं, ऐसे समय में एक वरिष्ठ, अनुभवी और जनप्रिय सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तित्व द्वारा लिया गया यह संकल्प जन-जन में विश्वास, जागरूकता और प्रेरणा का संचार करेगा।
युवाओं के लिए सशक्त संदेश
श्री भगत सिंह कोश्यारी जी का यह कदम विशेष रूप से युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि सेवा केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं होती, बल्कि मृत्यु के पश्चात भी मानवता की सेवा संभव है। उनका यह संकल्प सच्ची राष्ट्रसेवा और मानवसेवा की भावना को परिभाषित करता है।
दधीचि देह दान समिति की प्रतिक्रिया
दधीचि देह दान समिति, देहरादून ने महामहिम श्री कोश्यारी जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय देहदान एवं अंगदान आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा। समिति ने आशा व्यक्त की कि उनके इस प्रेरणादायी उदाहरण से समाज के विभिन्न वर्गों—विशेषकर शिक्षित युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों—में इस पुण्य कार्य के प्रति रुचि बढ़ेगी।
सामान्य जन से अपील
समिति ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आकर नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जैसे मानवीय कार्यों के लिए संकल्प लें और अपने जीवन के पश्चात भी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
महामहिम श्री भगत सिंह कोश्यारी जी का यह संकल्प निस्संदेह मानवता, संवेदना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रेरणास्रोत दस्तावेज़ बनकर आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगा।

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