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यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण में हाकम सिंह की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई

राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह की मोहलत, 10 नवंबर को अगली सुनवाई

नैनीताल 23 जनवरी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हाकम सिंह की जमानत याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ ने मामले में राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। सरकार की ओर से आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तिथि 10 नवंबर तय की है।
हाकम सिंह की ओर से दायर जमानत याचिका में दावा किया गया कि उन्हें इस प्रकरण में झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ नकल कराने अथवा पेपर लीक से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने अदालत को बताया कि हाकम सिंह की गिरफ्तारी केवल पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी।
सरकार ने किया जमानत का विरोध
राज्य सरकार की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा गया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और इसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सरकार ने न्यायालय से अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय देने का अनुरोध किया, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी।
परीक्षा से एक दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा से ठीक एक दिन पूर्व उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कथित नकल गिरोह के सरगना हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था। तत्कालीन आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया था कि गिरोह द्वारा परीक्षा में नकल कराने के लिए छह अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
पेपर लीक के बाद भड़का था आंदोलन
गिरफ्तारी के बावजूद परीक्षा के दिन 21 सितंबर को परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्न वायरल हो गए। इसके बाद विपक्ष और बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश फैल गया और प्रदेशभर में आंदोलन शुरू हो गया। अंततः सरकार को यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इस पूरे मामले की जांच के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए थे।
जमानत पर रिहा किया जा चुका है हाकम सिंह
इस प्रकरण में हाईकोर्ट के अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने पूर्व में हाकम सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। वहीं, उसके सहयोगी पंकज गौड़ को भी इससे पहले 14 जनवरी को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ द्वारा जमानत दी जा चुकी है।
12 से 15 लाख रुपये वसूली का आरोप
मामले के अनुसार, 20 सितंबर 2025 को पटवारी भर्ती परीक्षा से एक दिन पूर्व दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वे अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का लालच देकर प्रति अभ्यर्थी 12 से 15 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे।

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