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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की सेब की अति सघन बागवानी योजना की समीक्षा, उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर

देहरादून 16 जनवरी 2026 । मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में सेब की अति सघन बागवानी योजना के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट के उत्पादन को बढ़ाने को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रीय उत्पादन क्षमता एवं अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की वर्तमान उत्पादन क्षमता का भी विश्लेषण किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत नवीनतम प्रजातियों के बागान बड़े पैमाने पर स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने जनपदों में किसानों को क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य सेब उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। प्रदेश में सेब उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने की अत्यधिक संभावनाएं हैं, जिससे सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रदेश की उत्पादन क्षमता का आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपदवार सेब उत्पादन की क्षमता के अनुरूप वर्ष 2030, 2040 एवं 2050 के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और उसी आधार पर योजना को धरातल पर उतारा जाए।
मुख्य सचिव ने झाला (हर्षिल, उत्तरकाशी) स्थित कोल्ड स्टोरेज की तर्ज पर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कोल्ड स्टोरेज विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसान ऑफ सीजन में अपने उत्पाद बाजार में उतारकर अधिक लाभ कमा सकेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी पुरानी एवं कम उत्पादन क्षमता वाली किस्मों की खेती हो रही है, जिन्हें हाई डेंसिटी एप्पल प्लांट्स से बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए बड़े स्तर पर किसानों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने नर्सरियों को भावी मांग के अनुरूप अपग्रेड करने तथा बड़ी संख्या में हाई डेंसिटी पौधे तैयार करने के लिए नई नर्सरियों के विकास के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु फुल टाइम तकनीकी सहायता के लिए पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) गठित करने की बात कही, जिससे सतत मॉनिटरिंग कर योजना को सफल बनाया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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