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वनाग्नि की रोकथाम के लिए समय से फायर लाइन व मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश

रूद्रपुर, 15 जनवरी, 2026 । जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समिति की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए समय से फायर लाइन बनाई जाए। उन्होंने जनपद में वनाग्नि से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान हेतु तीनों वन प्रभागों में मास्टर कंट्रोल रूम समय से स्थापित करने तथा उनके संपर्क नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर गठित वनाग्नि सुरक्षा समितियों को सक्रिय करने, चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास स्थित ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन क्षेत्रों से जुड़े गांवों के युवक एवं महिला मंगल दलों को सक्रिय कर वॉलिंटियर के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित करने को भी कहा।
उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए फायर, पुलिस, राजस्व, शिक्षा सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल के दौरान शासकीय चिकित्सालयों में बर्न यूनिट तैनात रखी जाए तथा निजी चिकित्सालयों में भी बर्न यूनिट की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी यू.सी. तिवारी ने जानकारी दी कि जनपद के तीनों प्रभागों में 61 क्रू स्टेशन स्थापित किए जाते हैं तथा लगभग 939 नियमित एवं दैनिक श्रमिक तैनात किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ग्रीष्मकाल में वनाग्नि से 1.85 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। साथ ही विकास खंड एवं ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एसीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट एवं गौरव पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेन्द्र सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई भुवन पाण्डे, उप प्रभागीय वनाधिकारी सावित्री सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं वनाधिकारी जुड़े रहे।

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