नववर्ष पर पूर्व सैनिकों से मिले मुख्यमंत्री, बोले—उत्तराखंड सैनिकों की वीर भूमि

देहरादून, 31 दिसंबर। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हाथीबड़कला, देहरादून में नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है तथा राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील और सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक पुत्र होने के कारण उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को निकट से देखा है। यही कारण है कि वे सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से जुड़े हर कार्यक्रम में सहभागी बनने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच अवश्य जाते हैं और उनके कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों का तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरण, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हुई है। इससे न केवल सक्रिय सैनिकों बल्कि पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों एवं सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह, ब्रिगेडियर के.जी. बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, लेफ्टिनेंट जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओ.पी. राणा, ब्रिगेडियर जे.एन.एस. बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओ.पी. सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

