स्थानीय सुशासन में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने हेतु चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ

रुद्रपुर 22 दिसंबर । स्थानीय सुशासन को अधिक सशक्त, समावेशी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से “बदलाव का नेतृत्व: स्थानीय सुशासन और उसके परे महिला नेतृत्व को सशक्त बनाना” विषय पर कुमाऊँ मंडल का चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (Training of Trainers – TOT) कार्यक्रम सोमवार को जिला पंचायत सभागार, ऊधम सिंह नगर में प्रारम्भ हुआ। यह प्रशिक्षण 22 से 25 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह प्रशिक्षण पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की क्षमता विकास योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है।
महिला प्रतिनिधियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक करना है, जिससे वे स्वयं ग्राम स्तर पर विकास की कार्ययोजना बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने हेतु भी प्रेरित किया।
प्रधान पतियों के हस्तक्षेप पर रोक जरूरी
जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल ने बताया कि प्रशिक्षण में महिला सशक्तीकरण, नेतृत्व क्षमता विकास तथा प्रधान पतियों के हस्तक्षेप की प्रथा को समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधान के कार्यों में परिवारजनों का हस्तक्षेप 73वें संविधान संशोधन की भावना के विपरीत है।
महिला नेतृत्व व व्यक्तित्व विकास पर विशेष प्रशिक्षण
एसपीआरसी टीम, पंचायतीराज निदेशालय उत्तराखंड के प्रतिनिधि सुबोध भंडारी ने कहा कि महिला प्रतिनिधियों को यह समझाया जा रहा है कि जनता ने उन्हें निर्वाचित किया है और उन्हें स्वतंत्र रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। चार दिवसीय प्रशिक्षण में व्यक्तित्व विकास से संबंधित सत्र भी शामिल किए गए हैं।
9 हजार से अधिक महिला पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा लाभ
जिला पंचायतराज अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत महिला प्रतिनिधियों के नेतृत्व कौशल, संवाद क्षमता, संवैधानिक समझ और स्थानीय प्रशासन संचालन दक्षता को मजबूत किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 37 प्रतिभागी — ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी — शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य कुमाऊँ मंडल की 9 हजार से अधिक महिला पंचायत प्रतिनिधियों को वयस्क शिक्षा सिद्धांत, संचार कौशल, नेतृत्व, जेंडर एवं पितृसत्ता की अवधारणा, 73वां संविधान संशोधन, पंचायतीराज व्यवस्था, ग्राम सभा प्रक्रिया, फंड-फंक्शन-फंक्शनरी तथा निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की भूमिका एवं दायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण देना है।
उद्घाटन सत्र में ये रहे उपस्थित
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत श्री भट्ट, एसपीएसी टीम देहरादून के प्रतिनिधि, कुमाऊँ मंडल की महिला ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
