रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की रजत जयंती पर पहुंचे राज्यपाल, कहा— “रिवरडेल केवल विद्यालय नहीं, भविष्य की प्रयोगशाला है”
महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने विद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई



बाज़पुर, 29 नवंबर । रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखण्ड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विद्यालय परिवार को रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
हैलीपैड पर आगमन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया।
“रिवरडेल की 25 वर्ष की यात्रा उत्कृष्टता, अनुशासन और दूरदर्शिता की प्रेरक कहानी” — राज्यपाल
अपने संबोधन में महामहिम ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को रजत जयंती पर बधाई देते हुए कहा कि रिवरडेल की 25 वर्ष की यात्रा समर्पण और गुणवत्ता का जीता-जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा—
> “हर उत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम जहाँ खड़े हैं उसका मूल्यांकन करें और भविष्य के लिए नए संकल्प लें।”
राज्यपाल ने नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष सराहना की और कहा कि उनकी प्रस्तुतियों में विद्यालय की संस्कृति, अनुशासन और मेहनत स्पष्ट दिखाई देती है।
उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि अनुशासन, समय-पालन और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे मूल्य जीवनभर मार्गदर्शक बने रहते हैं, और यही मूल्य विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम व कर्तव्यनिष्ठा की ओर प्रेरित करते हैं।
“उधम सिंह नगर का नाम बच्चे-बच्चे में राष्ट्रप्रेम का भाव जगाता है”
महामहिम ने कहा कि वीर उधम सिंह के नाम पर बसे इस जनपद में जन्मा हर बच्चा स्वाभाविक रूप से राष्ट्र की सेवा की भावना से ओतप्रोत होता है।
विद्यालय परिसर की हरियाली, शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त परिवेश की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह वातावरण छात्रों को प्रकृति से जोड़कर उन्हें संवेदनशील बनाता है।
उन्होंने रिवरडेल के प्रतीक—खुली किताब, मशाल और उड़ते कबूतर—को ज्ञान, प्रकाश और ऊँचाइयों की ओर निरंतर बढ़ते रहने का प्रतीक बताया।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘भविष्य की प्रयोगशाला’
राज्यपाल ने विद्यालय की आधुनिक आधारभूत संरचना की प्रशंसा करते हुए कहा कि—
सौर ऊर्जा संचालित परिसर
स्विमिंग पूल
ट्रैफिक पार्क
विशाल सभागार
एनसीसी इकाई
शूटिंग रेंज
बाधा कोर्स
आधुनिक प्रयोगशालाएँ
रोबोटिक्स व कंप्यूटर लैब
एनआईआईटी संचालित मैथ लैब
वनस्पति उद्यान
इन सभी से यह स्पष्ट है कि रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की प्रयोगशाला है।
उन्होंने संस्थान के संस्थापक सदस्यों—S. पूरन सिंह मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी, श्री हरचंद सिंह बराड़, जसबीर कौर आदि के योगदान को भी नमन किया।
“AI, रोबोटिक्स और नवाचार—आपके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी”
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि यह तकनीक के तीव्र विकास का युग है।
उन्होंने कहा—
> “नवाचार और उद्यमिता आने वाले भारत की नई शक्ति हैं। आपके विचार समाज की किसी चुनौती का समाधान बन सकते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रथम की भावना से सपने देखने और बड़े लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
“शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देते, वे राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं”
राज्यपाल ने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि—
> “आपका मौन योगदान भी महान है। बदलते समय के साथ तकनीक और नई पद्धतियों का उपयोग शिक्षा को और प्रभावी बनाता है।”
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, संरक्षकों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों को पिछले 25 वर्षों की सफलता के लिए बधाई दी।
रजत जयंती समारोह में बच्चों ने नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और वरिष्ठ वर्गों के बच्चों ने बटरफ्लाई डांस, चीनी नृत्य, फ्लावर ड्रिल, हॉकी ड्रिल, जिम्नास्टिक आदि मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य परमीन कौर, अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बराड़, सचिव जेपी सिधू, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, हरेन्द्र सिंह लाड़ी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, अभय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
