अभाविप ने बनाया नया इतिहास: सदस्यता संख्या पहुँची करीब 77 लाख, अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा
देहरादून, 28 नवंबर ।
विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इस वर्ष अपनी सदस्यता अभियान में नया इतिहास रचते हुए 76,98,448 सदस्यों तक पहुँच गया है। यह संख्या अभाविप द्वारा अब तक दर्ज की गई सबसे बड़ी सदस्यता है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18 लाख अधिक है। पिछले वर्ष संगठन ने 59,36,000 सदस्य बनाए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या रिकॉर्ड तोड़ते हुए लगभग 77 लाख तक पहुँच गई।
देवभूमि उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में परेड ग्राउंड पर बसाए गए भगवान बिरसा मुंडा नगर में जारी राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान, संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार को संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की।
डॉ. सोलंकी ने बताया कि अभाविप का यह वृद्धि ग्राफ देशभर के विद्यार्थियों में संगठन के प्रति बढ़ते विश्वास, विचारधारा के प्रभाव और राष्ट्रीय छात्र शक्ति के विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अभाविप केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि गतिविधियों, सामाजिक अभियानों और राष्ट्रहित के कार्यों में भी अपनी भूमिका को व्यापक और प्रभावी तरीके से निभा रहा है।
अधिवेशन में उपस्थित हजारों प्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। देहरादून में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन देशभर के विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं के लिए विचार-विमर्श, भविष्य की रणनीति और संगठन सुदृढ़ीकरण का मंच बना हुआ है।
अभाविप की इस ऐतिहासिक सदस्यता वृद्धि ने एक बार फिर यह स्थापित कर दिया है कि संगठन आज भी देश के युवाओं की पहली पसंद है और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ युवाओं को दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

