कथित ₹210 करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों पर सरकार दे जवाब
रेखा आर्य नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा: उमा गौड़ सिसोदिया

*कैबिनेट मंत्री पर उनके पति गिरधारी लाल साहू द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए सरकार, जनता के सामने रखे सच्चाई*
आम आदमी पार्टी उत्तराखण्ड
देहरादून 18 अक्टूबर 2026। आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा उन *रेखा आर्य* पर 10 वर्षों में कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने से जुड़े आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।
उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है। जब किसी कैबिनेट मंत्री पर इतनी बड़ी संपत्ति को लेकर सवाल उठते हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह तथ्यों को सामने रखे और जांच की स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने मांग की कि संबंधित संपत्तियों के स्रोत, उनके स्वामित्व और आय के ज्ञात साधनों के संबंध में उठ रहे सवालों की जांच सक्षम एजेंसी से कराई जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और सुशासन की बात करती है। ऐसे में उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। केवल बयानबाजी से जनता के सवालों का समाधान नहीं होगा, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर जवाब देना आवश्यक है।
प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हैं। रेखा आर्य को इन आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के कारण विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।
उमा गौड़ सिसोदिया ने भाजपा सरकार से मांग की कि वह इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक करे, जांच की स्थिति बताए और जनता के सामने तथ्यों को रखे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।