उत्तराखण्डधर्म-कर्म

मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना से मिलता है रूप, जय, तेज और यश: महंत रवींद्र पुरी

श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में भजन संध्या, डमरू वंदना और मां चिंतपूर्णी के भव्य स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

देहरादून, 16 अक्टूबर। परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, देहरादून में शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां भगवती के षष्ठम स्वरूप मां कात्यायनी देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
मां कात्यायनी की आराधना से मिलता है रूप, जय, तेज और यश
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना से साधक को रूप, विजय, तेज और यश की प्राप्ति होती है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना का विशेष महत्व है। मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजन संध्या में माता के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सांयकाल मंदिर परिसर में मां मैया की भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया।

श्री रवि म्यूजिकल ग्रुप ने माता के एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। ‘किसने सजाया भवन बड़ा प्यारा लगे’, ‘तू कितनी भोली है, तू कितनी प्यारी है’, ‘मां मैं बालक, तू माता शेरावाली’ और ‘जब मेला मैया का लगदा है’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु अपने स्थानों पर खड़े होकर झूमने लगे। पूरे मंदिर परिसर में जय माता दी के जयकारों और भक्ति संगीत से वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में नवरात्र पाठ किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं को पंचमेवा का प्रसाद वितरित किया गया।
उत्तराखंड में पहली बार मां चिंतपूर्णी के भव्य स्वरूप के दर्शन
मंदिर प्रांगण में उत्तराखंड में पहली बार मां चिंतपूर्णी जी के भव्य स्वरूप के दर्शन का अवसर श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए और परिवार की सुख-शांति एवं खुशहाली की कामना की।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में युवा सेवादार दिव्यम गोयल, अर्णव कंसल, कान्हा मित्तल, अध्ययन गुप्ता, कार्तिक कंसल, अभिनव नौटियाल, वत्सल शर्मा और शुभम अग्रवाल ने सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण भाव से महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
25 कलाकारों की डमरू वंदना ने बांधा समां
मंदिर परिसर में भैरवनाथ डमरू मंडल के 25 कलाकारों ने अद्भुत डमरू वंदना प्रस्तुत की। डमरू की गूंज और कलाकारों की लयबद्ध प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को शिवमय एवं भक्तिमय बना दिया। डमरू वंदना के दौरान श्रद्धालु भी भक्ति में लीन होकर झूमने लगे। आयोजन के माध्यम से शिव और शक्ति की आराधना का सुंदर संदेश दिया गया।
कायस्थ सेवादल ने भी की पूजा-अर्चना
नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत कायस्थ सेवादल की ओर से भी मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर दिगंबर दिनेश पुरी, आचार्य भारत भूषण भट्ट, आशीष उनियाल, नवीन गुप्ता, विवेक श्रीवास्तव, जितेंद्र विजन, प्रदीप गोयल, कपिल गुप्ता, अचल पुंडीर, इंद्रेश सनूजा, दिलीप सैनी, विक्की गोयल, रोहित अग्रवाल, राजेंद्र आनंद, एडवोकेट राजकुमार गुप्ता, शैलेंद्र सिंघल, कान्हा मित्तल, दीपक मित्तल, संगीता गुप्ता, मेघा गर्ग, प्रीति गुप्ता, कांता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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