उत्तर प्रदेशधर्म-संस्कृति

जलालाबाद रामलीला में सीता हरण और जटायु संघर्ष की लीला का भावपूर्ण मंचन

सीता की खोज में वन-वन भटके भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, मार्मिक दृश्यों ने दर्शकों को किया भावविभोर

जलालाबाद 15 अक्टूबर। ओ कस्बे में आयोजित आदर्श श्री रामलीला में सीता हरण और जटायु के माता सीता को छुडाने के संघर्ष की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय के माध्यम से रामायण के इन प्रसंगों को जीवंत कर दिया। लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचे। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप मे शामली के बी एस एम स्कूल से अंकित गुप्ता व उनके सहयोगीयो ने भगवान श्रीरम की आरती उतारी।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि रावण की बहन शूर्पणखा के अपमान और खर-दूषण वध के बाद रावण माता सीता का हरण करने की योजना बनाता है। इसके लिए वह अपने मामा मारीच को मायावी स्वर्ण मृग का रूप धारण करने के लिए कहता है। स्वर्ण मृग को देखकर माता सीता भगवान श्रीराम से उसे पकड़कर लाने का आग्रह करती हैं। श्रीराम स्वर्ण मृग के पीछे वन में चले जाते हैं। काफी समय बीतने के बाद मारीच श्रीराम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। माता सीता की चिंता के चलते लक्ष्मण भी श्रीराम की खोज में कुटिया से निकल जाते हैं।
इसी अवसर का लाभ उठाकर रावण साधु का वेश धारण कर कुटिया पर पहुंचता है और छलपूर्वक माता सीता का हरण कर अपने पुष्पक विमान से लंका की ओर चल देता है। माता सीता के विलाप और सहायता के लिए पुकारने का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गए।
मंचन में आगे दिखाया गया कि माता सीता को रावण के चंगुल से बचाने के लिए पक्षीराज जटायु रावण से युद्ध करते हैं। जटायु रावण के सामने डटकर मुकाबला करते हैं, लेकिन रावण उनके पंख काटकर उन्हें घायल कर देता है और माता सीता को लेकर लंका की ओर चला जाता है। जटायु वध के इस प्रसंग का कलाकारों ने मार्मिक चित्रण किया।
इसके बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण कुटिया पर लौटते हैं, लेकिन माता सीता को वहां न पाकर व्याकुल हो उठते हैं। दोनों भाई माता सीता की खोज में वन-वन भटकते हैं और पेड़-पौधों तथा वन के जीव-जंतुओं से उनके बारे में पूछते हैं। इसी दौरान उन्हें घायल अवस्था में जटायु मिलते हैं। जटायु उन्हें रावण द्वारा माता सीता का हरण किए जाने की जानकारी देते हैं। यह सुनकर भगवान श्रीराम भावुक हो जाते हैं।
रामलीला के इन दृश्यों ने दर्शकों को धर्म, त्याग, कर्तव्य और नारी सम्मान का संदेश दिया। मंचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान रामलीला स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा और दर्शक श्रद्धापूर्वक लीला का आनंद लेते रहे।
रामलीला के भावपूर्ण मंचन मे रावण के रूप मे देवराज जुनेजा, राम के रूप मे अमन कुमार, लक्ष्मण के रूप मे राघव नारंग, सीता के रूप मे आदित्य भटनागर, ने शानदार प्रस्तुती की। व्यास पीठ पर संत किशोरी शरण जी महाराज अवनीश आहुजा, राजकुमार रूहेला, अंशुल कोरी, राजेश सैनी, देवेन्द्र शर्मा, सोनू कोरी, सुमित जुनेजा, संजीव आहुजा, आदि का सहयोग रहा
फोटो जलालाबाद रामलीला मंचन मे अपनी प्रस्तुती देते कलाकार

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