रामलीला में शूर्पणखा की नाक काटने और दूषण वध की लीला का मंचन
जलालाबाद 14 अक्टूबर। कस्बे में आयोजित आदर्श श्रीरामलीला मंचन में पंचवटी प्रसंग के अंतर्गत शूर्पणखा द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को प्रलोभन देने तथा लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटने की लीला का सुंदर मंचन किया गया। इसके बाद खर-दूषण वध की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रामलीला मंचन के दौरान दिखाया गया कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान पंचवटी में निवास कर रहे थे। इसी दौरान रावण की बहन शूर्पणखा वहां पहुंची। भगवान श्रीराम के स्वरूप से प्रभावित होकर उसने उनसे विवाह करने की इच्छा जताई। श्रीराम ने उसे लक्ष्मण के पास भेज दिया। इसके बाद शूर्पणखा ने लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन लक्ष्मण
ने उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
क्रोधित शूर्पणखा ने माता सीता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। शूर्पणखा के अपमानित होकर लौटने के बाद खर-दूषण से जुड़ा प्रसंग सामने आया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने अधर्म और अत्याचार के प्रतीक राक्षसों का संहार कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया।
रामलीला के दौरान पंचवटी प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों को रामायण की कथा से जोड़ दिया। रामलीला कमेटी की ओर से प्रतिदिन विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है, जिन्हें देखने के लिए कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
रामलीला मंचन के माध्यम से धर्म, मर्यादा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया । मंचन मे आदर्श रामलीला समिति के पदाधिकारियो जनेश्वर सैनी, राजेश सैनी, देवेन्द्र शर्मा,सुनहरा सिंह, देवराज जुनेजा, बृजभूषण उपाध्याय, अवनीश आहुजा, संजीव कुमार आदि कलाकारो का सहयोग रहा। प्रबन्ध समिति द्वारा अतिथियो को अंगवस्त्र व श्रीराम जी का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।