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‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और विकसित भारत के सपनों को रंगों में उतारा, बच्चों को बांटे प्रमाण पत्र

देहरादून, 28 सितंबर। उत्तराखंड सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देश पर ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब पब्लिक स्कूल, पटेल नगर में किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपने सपनों के भारत को चित्रों के माध्यम से जीवंत रूप दिया।
प्रतियोगिता में बच्चों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेत-खलिहान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वच्छता और विकसित भारत जैसे विभिन्न विषयों को अपनी चित्रकला में स्थान दिया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कल्पनाशीलता ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता के उपरांत विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद गोविंद मोहन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को अपने इतिहास, संस्कृति और देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों के जीवन से भी परिचित कराया जाना चाहिए। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया कि विद्यार्थियों को दसों गुरुओं की शिक्षाओं, महाराजा रणजीत सिंह और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान व्यक्तित्वों के इतिहास की जानकारी भी दी जाए।
उन्होंने कहा कि किताबी शिक्षा के साथ बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देना भी आवश्यक है। स्वच्छता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देश में एक समय बड़ी संख्या में परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्वच्छता और शौचालय निर्माण को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया, जिससे लोगों में अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जागरूकता बढ़ी। उन्होंने बच्चों से छोटी-छोटी आदतों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि घर का कचरा डस्टबिन में डालना तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
गोविंद मोहन ने कहा कि विदेशों के प्रति आकर्षण का एक कारण वहां नियम-कानून का पालन करने की संस्कृति भी है। यदि हम भी अपने देश में नियमों का पालन करें और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें तो भारत को और अधिक मजबूत एवं विकसित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थान स्थापित हो रहे हैं और उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को पहले की तरह हर क्षेत्र में विदेशों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नई सोच, रचनात्मकता, अनुशासन और देशप्रेम के साथ आगे बढ़ें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब के प्रधान हरमंदिर सिंह ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए चित्रकला प्रतियोगिता में उनके सुंदर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को इसी प्रकार रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अध्यापकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में निरंतर सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक मदन मल्होत्रा, जगजीत सिंह, रविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसविंदर सिंह तथा विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती रितु कलरा सहित विद्यालय की समस्त अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

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