दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की आराधना
श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की पूजा-अर्चना कर आत्मसंयम और तप का लिया संकल्प

जलालाबाद (शामली)22 सितम्बर। श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की विशेष आराधना की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उत्तम तप धर्म के महत्व को समझा और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि उत्तम तप धर्म मनुष्य को आत्मसंयम, इच्छाओं पर नियंत्रण तथा आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाता है। तप के माध्यम से व्यक्ति सांसारिक आसक्तियों से दूर होकर अपनी आत्मा की ओर अग्रसर होता है। श्रद्धालुओं ने तप, संयम और धार्मिक साधना के महत्व पर चिंतन करते हुए जीवन में सदाचार एवं आत्मसंयम अपनाने का संकल्प लिया।
मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और दशलक्षण पर्व की आध्यात्मिक भावना को आत्मसात किया।
कार्यक्रम में संदीप कुमार जैन, पारस जैन, मेहुल जैन, सुशील कुमार जैन, ऋषभ जैन, राहुल जैन, पंकज जैन, सम्यक जैन, प्रज्ञा जैन, मोनिका जैन, वंशिका जैन (दिल्ली), वैष्णवी जैन, राज जैन, काजल जैन, कविता जैन, संदीप जैन, आगम जैन (शामली) एवं रेनू जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


