उत्तराखण्डशासन

अभियोजन मामलों में तेजी लाकर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाएं: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

जघन्य अपराधों की नियमित समीक्षा के निर्देश, स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें समयबद्ध कराने पर जोर

देहरादून, 08 सितंबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से अभियोजन विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी पैरवी पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियोजन से संबंधित मामलों में तेजी लाते हुए अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया का उद्देश्य दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराना है। इसके लिए पुलिस, अभियोजन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ मामलों की प्रभावी पैरवी आवश्यक है।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें समय पर कराने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अभियोजन से संबंधित स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें निर्धारित समय पर आयोजित नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इन बैठकों का नियमित आयोजन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियोजन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
जघन्य अपराधों में संवेदनशीलता के साथ हो त्वरित कार्रवाई
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में जघन्य अपराधों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने अभियोजन प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक, प्रक्रियात्मक और समन्वय संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के साथ प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अभियोजन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
15 सितंबर से 18 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
बैठक में महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने जिलाधिकारियों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 15 सितंबर से 18 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम और जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
‘भारत 2047’ कार्यक्रम के अंतर्गत 17 सितंबर से 08 अक्टूबर तक विकसित भारत एवं ‘भारत 2047’ विषय पर छात्र निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे। जिला स्तर पर प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी तथा श्रेष्ठ चित्रों को एनिमेटेड लघु फिल्मों में शामिल कर प्रदर्शित किया जाएगा।
विद्यालयों में लगेंगी ‘सेवा और सपना’ की प्रदर्शनियां
महानिदेशक सूचना ने बताया कि ‘सेवा और सपना’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर के विद्यालयों में प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। वहीं 01 से 07 अक्टूबर तक ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन होगा। इसमें युवाओं, स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को तकनीक, विकास और सोशल इनोवेशन सहित विभिन्न विषयों पर भारत के भविष्य के लिए समाधान तैयार करने का अवसर मिलेगा।
‘जन कल्याण संवाद’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में होगी जनभागीदारी
‘जन कल्याण संवाद’ के माध्यम से प्रौद्योगिकी, खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को एक मंच पर लाया जाएगा। वहीं 07 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा दिवस’ के अवसर पर रिले मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पेशेवर एथलीटों के साथ आम नागरिक भी भाग लेंगे। इसके अलावा खेल प्रतियोगिताएं, साइकिलिंग और बाइक रैली भी आयोजित की जाएंगी।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु, श्री एल. फेनाई, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री निर्देश कुमार झा, श्री विजय कुमार, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, श्री बृजेश कुमार संत, श्री रणवीर सिंह चौहान, डॉ. वी. षणमुगम, श्री युगल किशोर पंत, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री राजेंद्र कुमार, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कुमाऊं मंडल के आयुक्त श्री दीपक रावत, गढ़वाल मंडल के आयुक्त तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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