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सड़क सुरक्षा के संदेश के साथ सिक्किम पहुंचे पद्मश्री प्रो. डॉ. बी.के.एस. संजय

सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और एनआईटी सिक्किम में दिए सड़क सुरक्षा जागरूकता व्याख्यान, राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट

देहरादून,04 सितंबर। पद्मश्री से सम्मानित, एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष एवं प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय ने सिक्किम प्रवास के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता, अकादमिक संवाद और राष्ट्रीय सेवा का संदेश दिया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नाथूला दर्रे का भी भ्रमण किया।
प्रो. डॉ. संजय ने सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) सिक्किम में सड़क सुरक्षा जागरूकता विषय पर व्याख्यान दिए। विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती और राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, यातायात नियमों का पालन करने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले ध्यान भटकाव को रोकने तथा नशे में वाहन नहीं चलाने पर जोर दिया। साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमित एवं अनिवार्य उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा के जागरूक दूत बनकर समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट
सिक्किम प्रवास के दौरान प्रो. डॉ. संजय ने राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने अपने सह-लेखक डॉ. गौरव संजय के साथ लिखी पुस्तक ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं’ राज्यपाल को भेंट की। मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
नाथूला दर्रे का किया भ्रमण
दौरे के दौरान नाथूला दर्रे का भ्रमण भी विशेष आकर्षण रहा। यहां भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों ने प्रो. डॉ. संजय का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें नाथूला के ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के साथ प्राचीन सिल्क रूट में इसकी भूमिका और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इसके महत्व की जानकारी दी गई। इस अवसर पर उन्हें स्मृति-चिह्न भी भेंट किया गया।
प्रो. डॉ. संजय ने कहा कि सिक्किम की यात्रा स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा, राष्ट्रीय सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बनी। उन्होंने नीति-निर्माताओं से सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जनशिक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने की अपील की।
उन्होंने आमजन से भी सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करने का आह्वान करते हुए कहा, “सड़क पर बचाई गई हर एक जिंदगी राष्ट्र की विजय है।”

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