उत्तराखण्डराज्य

वरिष्ठ नागरिक जीवन के इस पड़ाव को नई ऊर्जा और खुशी के साथ जिएं: राज्यपाल

शरीर के साथ मन और मस्तिष्क की देखभाल भी जरूरी, हॉबी और पैशन को दें समय

लोक भवन देहरादून 21 अगस्त,2026। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि 60 वर्ष की आयु के बाद जीवन रुकने का नहीं, बल्कि स्वयं को नए सिरे से जानने, अपनी रुचियों को समय देने और जीवन की खुशियों को महसूस करने का अवसर है। वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव और ज्ञान से समाज को दिशा देने के साथ युवाओं की ऊर्जा से जुड़कर समाज को और मजबूत बना सकते हैं।
राज्यपाल शुक्रवार को ‘ट्रैवी क्लब 60’ द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस पर राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोजन के लिए ट्रैवी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक रूप से सक्रिय रखने और साथ मिलकर जीवन का आनंद लेने का अवसर देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि परिवारों के छोटा होने और बदलती जीवनशैली के कारण वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक जुड़ाव और संवाद पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि खुशी बड़ी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि हमारी सोच और दृष्टिकोण में है।
उन्होंने कहा कि शरीर के साथ मन, मस्तिष्क और हृदय की देखभाल भी जरूरी है। इस उम्र में आत्मचिंतन और आत्मसंवाद के लिए समय निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि गति रुकना जीवन रुकने के समान है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार निरंतर सक्रिय रहना चाहिए।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपनी हॉबी और पैशन को फिर से समय देने का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। नई भाषा सीखना, संगीत, कला या कोई नया कौशल सीखना प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की खुशी के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ‘वर्तमान समय में जीने की कोशिश करें, बीते समय की चिंता या भविष्य की अनिश्चितता के बजाय वर्तमान क्षण को पूरी तरह जीना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के पास जीवन का व्यापक अनुभव है, जिसे समाज और नई पीढ़ी के साथ साझा कर वे महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, ट्रैवी क्लब के निदेशक अभिषेक शर्मा सहित क्लब के सदस्य एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

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