उत्तराखण्डकृषि खेती

धान खरीद को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज, 1863 किसानों ने कराया पंजीकरण

रुद्रपुर, 20 अगस्त। जिले में आगामी एक अक्टूबर से शुरू होने वाली धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया जुलाई माह से शुरू हो चुकी है और अब तक भारत ऐप के माध्यम से 1863 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरुवार को किसान एवं किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को धान खरीद के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। किसानों की एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) से संबंधित समस्याओं के समाधान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धान खरीद के दौरान शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तथा मुख्य कृषि अधिकारी को नामित किया गया है। दोनों अधिकारी मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा लाए जाने वाले धान की खरीद, भंडारण और सुरक्षा के लिए पर्याप्त एवं पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि संपूर्ण धान खरीद प्रक्रिया आपसी समन्वय के साथ पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
किसानों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन की ओर से दूरभाष नंबर 9412987380 भी जारी किया गया है।
आधार कार्ड से होगा पंजीकरण
आरएमओ लता मिश्रा ने बताया कि किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आधार कार्ड के माध्यम से किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही पंजीकरण, भुगतान और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत ऐप के माध्यम से अब तक 1863 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। पंजीकरण के लिए किसान के पास खतौनी, आधार कार्ड, बैंक खाता और पंजीकृत मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। किसान अपने मोबाइल फोन से भारत ऐप के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा मंडी एवं सीएससी सेंटरों से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
आरएमओ ने बताया कि सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। धान की खरीद के बाद भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में किया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, क्षेत्रीय खाद्य आयुक्त टीएस मर्तोलिया, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, एसएमओ कौशल कुमार, दीपक कुमार, केसी आर्या, जगदीश क्लोनी, ओम नारायण मिश्रा, डिप्टी आरएमओ वरुण कुमार, सचिव मंडी योगेश तिवारी, विनोद चंद पलड़िया, जिला प्रबंधक यूसीएफ संजय आर्य, एनसीसीएफ संतोष कुमार, नीरज सिंह सहित किसान यूनियन के पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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