टिहरी में एसआईआर के नोटिसों पर सुनवाई शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा अभियान
1.17 लाख संभावित नोटिस जारी, विसंगति वाले और अनमैप मतदाताओं के मामलों की होगी जांच व सुधार
टिहरी गढ़वाल, 03 अगस्त। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनपद टिहरी गढ़वाल में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में चिन्हित विसंगतियों एवं अनुपस्थित श्रेणी के मतदाताओं को जारी नोटिसों पर सुनवाई का कार्य सोमवार से शुरू हो गया। यह प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित की जाएगी।
जनपद की विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नोटिसों की सुनवाई और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है। विधानसभा क्षेत्र 09-घनसाली, 11-नरेन्द्रनगर, 13-टिहरी और 14-धनोल्टी में 3 अगस्त से सुनवाई प्रारंभ हो गई है, जबकि 10-देवप्रयाग और 12-प्रतापनगर में 4 अगस्त से यह प्रक्रिया शुरू होगी।
निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित विद्यालयों में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी मतदाताओं से आवेदन प्राप्त कर उनका परीक्षण करेंगे। दस्तावेजों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आवश्यक संशोधन की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर अपने दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करें।
छह विधानसभा क्षेत्रों में 1.17 लाख संभावित नोटिस
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जनपद की छह विधानसभा सीटों में कुल 1,04,390 विसंगति वाले मतदाता तथा 13,111 अनमैप मतदाता चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,17,501 संभावित नोटिस संबंधित मतदाताओं को जारी किए गए हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार घनसाली में 21,094, देवप्रयाग में 19,131, नरेन्द्रनगर में 20,758, प्रतापनगर में 16,022, टिहरी में 19,256 और धनोल्टी में 21,240 संभावित नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए तिथियां निर्धारित की गई हैं।
72 एईआरओ करेंगे मामलों की सुनवाई
नोटिसों से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं परीक्षण के लिए जनपद में कुल 72 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) नामित किए गए हैं। ये अधिकारी निर्धारित केंद्रों पर प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
प्रशासन का कहना है कि एसआईआर अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों को दूर कर उसे अधिक शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। प्रशासन ने सभी संबंधित मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस में निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करें, ताकि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में किसी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो।
