संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर सामाजिक समरसता को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा “समरसता संकल्प अभियान”: दीप्ती रावत भारद्वाज।
देहरादून,28 जुलाई 2026 । समरसता संकल्प अभियान की प्रदेश संयोजक एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा श्रीमती दीप्ती रावत भारद्वाज ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) तक पूरे देश में राष्ट्रव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” संचालित किया जाएगा। यह अभियान राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर तक व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित होगा।
इसका उद्देश्य संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, सेवा, सद्भाव, मानवता एवं सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना तथा विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज केवल किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक, भक्ति आंदोलन के अग्रणी संत, श्रेष्ठ समाज सुधारक एवं महान आध्यात्मिक चिंतक थे। उन्होंने करोड़ों वंचित एवं उपेक्षित लोगों में आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समानता का भाव जागृत किया तथा समाज को समरसता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका “बेगमपुरा” का दर्शन आज भी ऐसे समाज की प्रेरणा देता है जहाँ किसी प्रकार का भेदभाव, अन्याय और शोषण न हो तथा प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ती रावत भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संदेश में संत गुरु रविदास महाराज के जीवन-दर्शन को सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समर्पित किया तथा मानवता और कर्म को मनुष्य की वास्तविक पहचान बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का संकल्प संत गुरु रविदास महाराज के समरस समाज के दर्शन को और अधिक सशक्त करता है।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने भी संत गुरु रविदास महाराज को सामाजिक समता और आत्मसम्मान का महान अग्रदूत बताया था। उनके विचार आज भी समाज को समानता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ती रावत भारद्वाज ने बताया कि अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) को “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता दीप महोत्सव” से होगा। इस अवसर पर देशभर में 51,000 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा, जबकि वाराणसी स्थित संत रविदास घाट पर 11,000 दीपों का विशेष आयोजन होगा। एवं उत्तराखंड में भी सैकड़ों स्थानों पर दीप प्रज्वलित किए जाएँगे। दीप महोत्सव से पूर्व भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं धार्मिक प्रवचन तथा इसके उपरांत प्रसाद वितरण एवं भंडारों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक “श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान” संचालित किया जाएगा। वाराणसी स्थित संत गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी से भरे 131 कलश सभी राज्यों को प्रदान किए जाएंगे तथा आगे चलकर इस पवित्र मिट्टी को 21,000 कलशों में स्थापित कर देशभर के प्रदेशों, जिलों और मंदिरों तक पहुँचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक “संत संपर्क अभियान” आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत भाजपा के पदाधिकारी संत रविदास परंपरा सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं के संत-महात्माओं से सम्मानपूर्वक भेंट कर सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे।
उन्होंने कहा कि अभियान का एक महत्वपूर्ण चरण “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” होगा, जो 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह यात्रा पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां से प्रारंभ होकर वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर तक पहुँचेगी तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियाँ, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक “श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान” चलाया जाएगा। इसके माध्यम से देशभर के छात्रावासों में समरसता संवाद कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं एवं विद्यार्थियों को संत गुरु रविदास महाराज के जीवन-दर्शन, सामाजिक न्याय एवं समानता के संदेश से परिचित कराया जाएगा।
प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ती रावत भारद्वाज ने कहा कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, मंडल एवं आयोजन स्तर पर विशेष टोलियों का गठन किया जा रहा है। साथ ही मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने उत्तराखंड के सभी जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों से इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर आयोजित यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन सिद्ध होगा तथा समाज में समरसता और सद्भाव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।