निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डूबकी

हरिद्वार 25 जून । निर्जला एकादशी के पर्व पर बड़ी संख्या में हरिद्वार पहंुचकर गंगा में आस्था की डूबकी लगाई। सुबह से ही हर की पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पर पड़ने वाले एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करने के बाद जल और अन्न का दान करने से एक सहस्र अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है। पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार साल में 24 एकादशी पड़ती हैं. पुराणों के अनुसार सभी एकादशी का व्रत करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। किसी कारणवश यदि सभी एकादशियों का व्रत जो नहीं कर पाया, यदि वो निर्जला एकादशी का व्रत कर ले तो, एक व्रत से पूरे 24 एकादशियों के बराबर पुण्यफल प्राप्त हो जाता है. यह व्रत रखने और गंगा स्नान करने से भगवान भगवान नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। पुण्यलाभ की कामना लेकर दूर दूर से आए श्रद्धालओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा तट पर गंगा स्नान और दान पुण्य कर पुण्यलाभ की कामना की । सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व की तरह ही निर्जला एकादशी के स्नान पर्व को लेकर भी प्रशासन अलर्ट रहा। पूरे मेला क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई । रूट डाइवर्जन प्लान लागू किया गया । साथ ही दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
