सेतु आयोग ने दीर्घकालिक आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर बनाई रणनीति, स्मार्ट विलेज केंद्रों के विस्तार पर जोर

देहरादून,08 जून। सचिवालय में सोमवार को सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक आर्थिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सेतु आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से ‘एकीकृत स्मार्ट विलेज केंद्रों’ की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से विकास की संभावनाओं का आकलन कर दूरगामी योजनाएं तैयार की जाएंगी। किसानों, महिलाओं और युवाओं तक बेहतर सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए विभागीय कन्वर्जेंस मॉडल को मजबूत बनाने तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि सेतु आयोग राज्य की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समावेशी विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। ग्रामोत्थान के लिए विभागीय योजनाओं को कन्वर्जेंस के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है, जिसमें ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर चिन्हित केंद्रों के प्रतिनिधि स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्तावों को भी कार्ययोजना में शामिल करते हुए जून माह के अंतिम सप्ताह तक प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में राज्य के संतुलित, समावेशी और सतत विकास के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए स्मार्ट सेंटरों के विकास, हेल्प डेस्क की स्थापना, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देकर योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा टिकाऊ बिजनेस मॉडल के लिए एसओपी तैयार करने जैसे सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में सलाहकार डॉ. भावना शिंदे सहित सेवायोजन, जलागम, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


