विश्व पर्यावरण दिवस पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन
प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सचिव एवं प्रधानमंत्री के सलाहकार रहे श्री भास्कर खुल्बे ने आईजीएनएफए में दिया विशेष व्याख्यान

• पर्यावरणीय सुशासन, सतत विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के उत्तरदायी प्रबंधन पर दिया बल
देहरादून,05 जून 2026 – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून द्वारा हरि सिंह ऑडिटोरियम में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सचिव एवं प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार श्री भास्कर खुल्बे, आईएएस (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा उन्होंने विशेष व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। व्याख्यान से पूर्व श्री भास्कर खुल्बे ने अकादमी परिसर में एक पौधा भी रोपित किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः अभिव्यक्त किया।
अपने संबोधन में श्री खुल्बे ने पर्यावरणीय सुशासन, सतत विकास तथा समकालीन पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। लोक प्रशासन एवं नीतिनिर्माण के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के आधार पर उन्होंने संरक्षण और विकास के उद्देश्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने पर्यावरण प्रबंधन में नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने, समुदाय की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के उत्तरदायी संरक्षण एवं उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने दीर्घकालिक पारिस्थितिक सुरक्षा एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए सतत जीवनशैली और विकास पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया।
श्री खुल्बे ने पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने केदारनाथ एवं बद्रीनाथ पुनर्निर्माण परियोजनाओं में अपनी सहभागिता का उल्लेख करते हुए पर्यावरणीय नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को अपने पेशेवर जीवन में सत्यनिष्ठा, समर्पण एवं लोकसेवा के मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
आईजीएनएफए की निदेशक श्रीमती भारती ने अकादमी की ओर से मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अकादमी के संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षु अधिकारियों ने श्री खुल्बे द्वारा साझा किए गए अनुभवों एवं विचारों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। यह व्याख्यान प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए एक प्रतिष्ठित सिविल सेवक के अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिनका करियर राष्ट्र निर्माण, सुशासन सुधारों एवं पर्यावरणीय सततता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रशिक्षु अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण, सुशासन, जलवायु अनुकूलन क्षमता तथा सतत विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर मुख्य वक्ता के साथ विचार-विमर्श किया। इस संवाद से प्रतिभागियों को उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों एवं संभावित नीतिगत समाधानों की गहन समझ प्राप्त हुई।
यह आयोजन आईजीएनएफए के उन सतत प्रयासों का हिस्सा था, जिनका उद्देश्य भावी वन अधिकारियों को विविध दृष्टिकोणों से परिचित कराना तथा भारत के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत प्रबंधन में प्रभावी योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
इस कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के प्रशिक्षु अधिकारी, आईजीएनएफए एवं कैसफॉस (CASFoS) देहरादून के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारीगण तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।



