दून विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री 4.0 में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस, मैटेरियल विज्ञान और साइबर सुरक्षा के कन्वर्जेन्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, मैटेरियलस, सेंसर और इंडस्ट्री 4.0 में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस के एप्लीकेशन और संभावित उपयोगों पर प्रशिक्षित करना है

– दून विश्वविद्यालय और आई.आई.टी. मद्रास के अलावा, 6 अन्य संस्थान इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं
देहरादून 05 जून। दून विश्वविद्यालय और आई.आई.टी. मद्रास ने भारत सरकार के अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ए.एन.आर.एफ.) के पार्टनरशिप फॉर एक्सीलेरेटेड इनोवेशन और रिसर्च (पी.ए.आई.आर.) कार्यक्रम के तहत इंडस्ट्री 4.0 में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस, मैटेरियल विज्ञान और साइबर सुरक्षा के कन्वर्जेन्स पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का संयुक्त रूप से आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, मैटेरियलस, सेंसर और इंडस्ट्री 4.0 में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस (ए.आई.) के एप्लीकेशन और संभावित उपयोगों पर प्रशिक्षित करना है। आई.आई.टी. मद्रास पिछले कई वर्षों से एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में लगातार नंबर 01 स्थान पर बना हुआ है।
दून विश्वविद्यालय और आई.आई.टी. मद्रास के अलावा, 6 अन्य संस्थान (जैसे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान त्रिची, तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पुडुचेरी, एन.आई.टी. मिजोरम, भरथियार विश्वविद्यालय कोयंबटूर और कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने बताया कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ए.एन.आर.एफ.) की प्रतिष्ठित योजना के तहत फरवरी 2025 में दून विश्वविद्यालय को आई.आई.टी. मद्रास के “पार्टनरशिप फॉर एक्सीलेरेटेड इनोवेशन और रिसर्च (पी.ए.आई.आर.)” नेटवर्क में शामिल किया गया था। उन्होंने आई.आई.टी. मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामाकोटी को नेटवर्क में शामिल करने के लिए धन्यवाद दिया। प्रोफेसर डंगवाल ने स्पष्ट किया कि इस पार्टनरशिप का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.)-2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप रिसर्च में इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग और इनोवेशन को बढ़ावा देना है।
दून विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की फैकल्टी मेम्बर और पेअर प्रोग्राम की दून विश्वविद्यालय के लिए मुख्य कॉऑर्डिनेटर डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ए.एन.आर.एफ.) द्वारा नवंबर 2024 में ए.एन.आर.एफ.-पेअर प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में आई.आई.टी. मद्रास और उद्योग जगत के विशेषज्ञ विभिन्न सत्र संचालित करेंगे। इस कार्यशाला में आई.आई.टी. मद्रास के तीन प्रोफेसर (प्रो. जॉन ऑगस्टीन, प्रो. जी.एल. सैमुअल, डॉ. चर्चित कुमार), डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के डॉ. भूपेश जनोती, सीमेंस इंडस्ट्री के डॉ. आनंद फडनिस और आई.आई.टी-बी.एच.यू. डॉ. मयंक स्वर्णकार, प्रमुख संसाधन व्यक्तियों में शामिल हैं। विभिन्न सत्रों का आयोजन; रोबस्ट और सिक्योर मल्टी-एजेंट सिस्टम, रोल ऑफ ए.आई. एंड मेट्रोलॉजी इन स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, एडवांसड सेंसर फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सिस्टमस, सिक्योरिटी फॉर इंडस्ट्री 5.0 ए.आई.- नेटिव कम्युनिकेशन, बिल्डिंग साइबर-फिजिकल रेसिलिएन्स इन इंडस्ट्री 4.0 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किया जाएगा।
प्रोफेसर डंगवाल ने यह भी बताया कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ए.एन.आर.एफ.) की स्थापना भारत की संसद के ए.एन.आर.एफ. अधिनियम 2023 के तहत की गई है। भारत के प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण है कि ए.एन.आर.एफ. का उद्देश्य रिसर्च एवं डेवलपमेंट (आर एंड डी) को बढ़ावा देना, उसे विकसित करना और भारत के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, रिसर्च संस्थानों और रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रयोगशालाओं में रिसर्च एवं इनोवेशन की कल्चर को पोषित करना है।
ए.एन.आर.एफ. ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) की सिफारिशों के अनुसार देश में साइंटिफिक रिसर्च को उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने वाले सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। ए.एन.आर.एफ. उद्योग, शिक्षा जगत और सरकारी विभागों एवं अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग स्थापित कर रहा है तथा वैज्ञानिक एवं संबंधित मंत्रालयों के अलावा उद्योगों और राज्य सरकारों की भागीदारी और योगदान के लिए एक इंटरफ़ेस तंत्र तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रमुख संस्थानों और उनके सहयोगी संस्थानों के बीच रणनीतिक साझेदारी बनाकर भारत के शैक्षणिक परिदृश्य की अनुसंधान क्षमता को उजागर करना है। उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय के शोधार्थी और संकाय सदस्य पेअर-नेटवर्क के अंतर्गत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, एडवांसड मैटेरियलस और इंडस्ट्री 4.0 जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कार्य में लगे हुए हैं। आई.आई.टी. मद्रास, इन शोध कार्य में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। इस साझेदारी से दून विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे संकाय सदस्यों और छात्रों को अत्याधुनिक अनुसंधान परियोजनाओं में शामिल होने के अवसर मिलेंगे। आई.आई.टी. मद्रास के साथ सहयोग करके, दून विश्वविद्यालय, इस प्रमुख संस्थान में उपलब्ध विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ उठा सकता है।



