बद्रीनाथ धाम को मिलेगा ‘स्प्रिचुअल हिल टाउन’ का स्वरूप, मास्टर प्लान पर तेजी से काम
देहरादून,
06 मई — बद्रीनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के साथ अब इसे एक “स्प्रिचुअल हिल टाउन” के रूप में विकसित करने की दिशा में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष बुधवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग द्वारा मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध और बहुआयामी कार्य किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य, सुव्यवस्थित और आकर्षक अनुभव प्रदान करना है।
मास्टर प्लान के अंतर्गत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख स्थलों का विकास किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन भव्य और दिव्य रूप में हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।
परियोजना के तहत आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला और धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही वसुधा वाटिका के रूप में प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का सुंदर समन्वय करते हुए आकर्षक लैंडस्केप विकसित किए जाएंगे।
मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों—पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र और वैकुंठ द्वार—की भव्य कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम आधारित संरचनाएं भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक ऊर्जा को दर्शाएंगी। साथ ही रामायण और महाभारत कालीन प्रतीकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष दिया आरती स्थल विकसित किया जाएगा, जहां होने वाली आरती को दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बनाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप के तहत आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं और साइनेज विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करते हुए बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य बनाया जाए। उन्होंने स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों से न केवल बद्रीनाथ का आध्यात्मिक वातावरण मजबूत होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ आस्था, आधुनिकता और प्रकृति के संतुलित संगम के रूप में एक आदर्श आध्यात्मिक स्थल के रूप में स्थापित होगा।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



