उत्तराखण्डसहित्य

“उत्तराखंड के अविस्मरणीय साहित्यकार” पर शोध आलेख आमंत्रित

देहरादून 06 मई। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ तथा लेखक गांव, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में नवंबर 2025 में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “उत्तराखंड के अविस्मरणीय साहित्यकार” के अंतर्गत प्रस्तुत व्याख्यानों एवं शोधपरक आलेखों को अब पुस्तक रूप में प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रस्तावित संपादित ग्रंथ का संपादन उत्तराखंड की पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक एवं पूर्व भाषा निदेशक डॉ. सविता मोहन द्वारा किया जाएगा।
संपादक मंडल ने देशभर के विद्वानों, शोधार्थियों एवं साहित्यकारों से आग्रह किया है कि वे उत्तराखंड के किसी विशिष्ट हिंदी साहित्यकार पर आधारित समीक्षात्मक एवं शोधपरक आलेख प्रेषित करें, ताकि इस महत्वपूर्ण साहित्यिक धरोहर को व्यापक पाठक समुदाय तक पहुँचाया जा सके।
✍️ किन विषयों पर भेज सकते हैं आलेख?
उत्तराखंड के प्रतिष्ठित साहित्यकारों में से किसी एक पर लेख तैयार किया जा सकता है, जैसे—
सुमित्रानंदन पंत, शैलेश मटियानी, गौरा पंत शिवानी, मंगलेश डबराल, लीलाधर जगूड़ी, मनोहर श्याम जोशी, वीरेन डंगवाल, हिमांशु जोशी सहित अन्य उल्लेखनीय साहित्यकारों पर भी शोध आलेख भेजे जा सकते हैं।
📑 आलेख प्रेषण के मुख्य निर्देश
लेख MS Word फाइल में भेजना अनिवार्य
शब्द सीमा: 2000 से 3000 शब्द
लेख मौलिक, अप्रकाशित एवं शोधपरक होना चाहिए
लेखक का संक्षिप्त परिचय साथ में संलग्न करें
अंत में नाम, ईमेल एवं संपर्क नंबर अवश्य दें
📌 महत्वपूर्ण बिंदु
आलेख में साहित्यकार के जीवन, कृतित्व और साहित्यिक योगदान का संतुलित विश्लेषण हो
केवल वर्णनात्मक नहीं, बल्कि आलोचनात्मक दृष्टिकोण भी शामिल हो
किसी एक प्रमुख कृति का संक्षिप्त विश्लेषण अनिवार्य
भाषा शुद्ध, मानक एवं अकादमिक हो
साहित्यिक चोरी पाए जाने पर आलेख अस्वीकृत किया जाएगा
संपादकीय मंडल को संशोधन/संक्षेपण का अधिकार सुरक्षित
📅 अंतिम तिथि एवं प्रेषण विवरण
अंतिम तिथि: 31 मई 2026
ईमेल: gurujisushil@gmail.com
व्हाट्सएप: 9997998050
🎁 विशेष सूचना
जिन लेखकों के आलेख इस पुस्तक में प्रकाशित होंगे, उन्हें प्रकाशन के बाद पुस्तक की प्रति सादर भेंट की जाएगी।
📖 यह पहल उत्तराखंड के समृद्ध हिंदी साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विद्वानों से अपेक्षा है कि वे अपने शोधपूर्ण लेखों के माध्यम से इस साहित्यिक प्रयास को समृद्ध बनाएंगे।

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